श्री राम मंदिर: संतों की बढ़ी सक्रियता, विपक्षी पार्टियों पर ट्रस्ट की छवि खराब करने का आरोप; चंपत की पैरवी

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब हर महीने दो बार संतों की बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में राम मंदिर से जुड़े विषयों, सामाजिक मुद्दों और सनातन धर्म से संबंधित गतिविधियों पर चर्चा होगी। संत अपने-अपने मठों, मंदिरों और आश्रमों के माध्यम से अनुयायियों को भी जागरूक करेंगे, ताकि राम मंदिर और संत समाज से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम न फैले। साथ ही, लोगों से अपील की जाएगी कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करें।

Jul 24, 2026 - 09:13
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श्री राम मंदिर: संतों की बढ़ी सक्रियता, विपक्षी पार्टियों पर ट्रस्ट की छवि खराब करने का आरोप; चंपत की पैरवी


राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के बीच अब संत समाज खुलकर मैदान में उतर आया है। मणिराम दास छावनी में बृहस्पतिवार को हुई संतों की बैठक में विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर की जा रही राजनीति का जवाब देने की रणनीति बनाई गई। संतों ने आरोप लगाया कि कुछ राम विरोधी और सनातन विरोधी ताकतें इस प्रकरण को आधार बनाकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संत समाज और राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं।


बैठक के बाद महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने निष्पक्ष जांच कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। उन्होंने कहा कि जो भी जांच में दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ आगे भी कार्रवाई होगी, लेकिन कुछ लोगों के कृत्य के आधार पर पूरे ट्रस्ट और संत समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।


महंत मनीष दास ने कहा कि जिन्होंने चोरी की, उन्हें सजा मिल रही है। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हमेशा अयोध्या और राम मंदिर को निशाने पर लेते रहे हैं, वही अब इस मामले को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।


नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने न्यायिक प्रक्रिया और एसआईटी जांच पर भरोसा जताने की अपील करते हुए कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष और लाखों रामभक्तों की आस्था से बने राम मंदिर को एक घटना के बहाने बदनाम करना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भी अनावश्यक बयानबाजी से बचने तथा जांच पूरी होने तक संयम बरतने का आग्रह किया।

संतों ने स्पष्ट किया कि वे भगवान श्रीराम, रामभक्तों और राम मंदिर निर्माण के कार्य के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उनका कहना था कि जांच पूरी होने तक अफवाहों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए तथा अंतिम रिपोर्ट के बाद ही किसी पर निष्कर्ष निकाला जाना उचित होगा।


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब हर महीने दो बार संतों की बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में राम मंदिर से जुड़े विषयों, सामाजिक मुद्दों और सनातन धर्म से संबंधित गतिविधियों पर चर्चा होगी। संत अपने-अपने मठों, मंदिरों और आश्रमों के माध्यम से अनुयायियों को भी जागरूक करेंगे, ताकि राम मंदिर और संत समाज से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम न फैले। साथ ही, लोगों से अपील की जाएगी कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर ही विश्वास करें।


 संत समाज की बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नवगठित धर्म समिति राम मंदिर और सनातन धर्म के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देने और संत समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगी। समिति समय-समय पर संतों के साथ संवाद करेगी, राम मंदिर से जुड़े विषयों पर सही जानकारी उपलब्ध कराएगी तथा भ्रामक प्रचार का प्रभावी ढंग से प्रतिवाद करेगी।

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Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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