PM नरेंद्र मोदी के सत्ता में 12 साल! सबसे लंबी अवधि तक चुने हुए पीएम रहने के रिकॉर्ड की बराबरी

पीएम मोदी ने 8 जून को ही सत्ता में 12 वर्ष पूरे किए हैं। अपने शासन के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम योजनाओं और नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में यह जानना अहम है कि लगातार 12 वर्ष सत्ता में रहने और पहले पीएम के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शासन में क्या उपलब्धियां हासिल की हैं? घरेलू, कानूनी, रक्षा, आर्थिक, वाणिज्यिक और अन्य मुद्दों पर पीएम मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है?

Jun 09, 2026 - 10:38
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PM नरेंद्र मोदी के सत्ता में 12 साल! सबसे लंबी अवधि तक चुने हुए पीएम रहने के रिकॉर्ड की बराबरी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के एक और रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। चुनाव के बाद जीतकर आने और लगातार शासन करने वाले प्रधानमंत्रियों के मामले में मोदी अब संयुक्त रूप से पीएम नेहरू के साथ हैं। 


9 जून तक की बात करें तो एक चुने हुए पीएम के तौर पर मोदी ने लगातार 4398 दिन (2014 से जारी) शासन कर लिया है, जो कि पंडित नेहरू के कुल (और लगातार दोनों) शासन की बराबरी है। कल यानी 10 जून को पीएम मोदी इस कीर्तिमान को भी तोड़ देंगे। 


इस बीच पीएम मोदी ने 8 जून को ही सत्ता में 12 वर्ष पूरे किए हैं। अपने शासन के दौरान पीएम मोदी ने कई अहम योजनाओं और नीतियों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में यह जानना अहम है कि लगातार 12 वर्ष सत्ता में रहने और पहले पीएम के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शासन में क्या उपलब्धियां हासिल की हैं? घरेलू, कानूनी, रक्षा, आर्थिक, वाणिज्यिक और अन्य मुद्दों पर पीएम मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है?


1. डिजिटल इंडिया और यूपीआई क्रांति

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम बन चुका है। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) की शुरुआत ने देश के कोने-कोने में रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े शोरूम तक कैशलेस लेनदेन को सुलभ बनाया। मई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में हर महीने 23 अरब (2,300 करोड़) से अधिक यूपीआई लेन-देन दर्ज किए जा रहे हैं।

2. बैंकिंग से जुड़ाव: 58 करोड़ जन धन खाते

2014 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अगस्त 2025 तक 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इसने देश के सबसे गरीब नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने का काम किया। इसका सबसे बड़ा फायदा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के रूप में मिला, जिससे सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हुआ।

3. इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार

लगभग 1.46 लाख किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जा चुका है।
रेलवे का बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण हुआ और आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शुरू की गईं।
उड़ान योजना के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों में नए हवाई अड्डों का तेजी से विकास जारी।

4. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा

अगस्त 2019 में मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त कर दिया। इस कदम से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह से भारतीय संविधान के तहत आए, जिससे वहां विकास की मुख्यधारा, केंद्रीय कानूनों का लाभ और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों को अंजाम दिया जा रहा है।

5. आयुष्मान भारत: दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना

गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के खर्च से बचाने के लिए आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) योजना शुरू की गई। इसके तहत देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। साथ ही, देश भर में डिजिटल हेल्थ मिशन और टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) का जाल बिछाया गया है।

6. हर घर जल और पीएम आवास योजना

जल जीवन मिशन: ग्रामीण भारत के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारने के लिए इस मिशन के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक पाइपलाइन से साफ पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है।

पीएम आवास योजना: हर घर को छत के संकल्प के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 4 करोड़ से अधिक पक्के मकानों का निर्माण कर गरीबों को सौंपा गया है।

7. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत

भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए उत्पादन से जुड़े आर्थिक सहयोग भी प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव योजना (पीएलआई) के तहत दिए जा रहे हैं। इसका असर यह हुआ है कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, डिफेंस और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी निवेश आया है। सरकार 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज ने घरेलू उद्योगों को मजबूती दी। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है।

8. रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और कड़ा रुख

भारत की रक्षा नीति में पिछले 12 वर्षों में बड़ा रणनीतिक बदलाव आया है। आतंकी घटनाओं के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए देश ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके अलावा, डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण और आईएनएस विक्रांत, तेजस जैसे स्वदेशी हथियारों के निर्माण से रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में भारत ने फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस को लेकर समझौता किया है। साथ ही इंडोनेशिया से भी ब्रह्मोस निर्यात करने पर बातचीत अंतिम दौर में है। 

9. स्वच्छ भारत मिशन और उज्ज्वला योजना

स्वच्छ भारत: 2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए इस आंदोलन के तहत देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे स्वच्छता का दायरा 38% से बढ़कर 98% से अधिक हो गया। इसने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान दिया।

उज्ज्वला योजना: 10 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन देकर उन्हें लकड़ी और उपले के धुएं से मुक्ति दिलाई गई। साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को कम दरों पर सिलिंडर भी मुहैया कराया जा रहा है। 

10. अंतरिक्ष और रक्षा-तकनीक में ऐतिहासिक छलांग

मोदी सरकार ने अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए खोला, जिससे देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। यह स्टार्टअप अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर नए अंतरिक्ष मिशन्स में सहयोग भी कर रहे हैं। इसके अलावा भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बन गया। इसके अलावा सौर मिशन आदित्य-एल1 ने दुनिया में भारत का लोहा मनवाया।

11. जीएसटी और आर्थिक सुधार: वन नेशन, वन टैक्स

2017 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करके देश की पेचीदा टैक्स व्यवस्था को खत्म किया गया। एक देश, एक टैक्स के इस मॉडल से राज्यों के बीच व्यापार आसान हुआ, टैक्स चोरी रुकी और आज हर महीने रिकॉर्ड 1.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी कलेक्शन हो रहा है, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।

12. दुनिया का सबसे बड़ा कोविड-19 टीकाकरण अभियान

कोरोना महामारी के संकट काल में भारत ने न सिर्फ स्वदेशी वैक्सीन- कोवैक्सिन बनाई, बल्कि 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज पूरी तरह मुफ्त और डिजिटल ट्रैकिंग (कोविन एप) के जरिए नागरिकों को लगाने की व्यवस्था भी की गई। इसके साथ ही वैक्सीन मैत्री के तहत दुनिया के दर्जनों देशों को दवाइयां और वैक्सीन भेजकर भारत ने वैश्विक स्तर पर फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड की भूमिका निभाई।

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Mishra Shivani

Shivani Mishra Chief Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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