Chardham Yatra New Traffic Rule :जोशीमठ में 15 साल बाद फिर शुरू हुआ 'गेट सिस्टम', तीर्थयात्रियों को जाम से मिलेगी मुक्ति

पिछले दो-तीन दिनों से हाईवे पर यात्रियों को 10 से 12 घंटे लंबे महाजाम का सामना करना पड़ रहा था. इस गंभीर समस्या से तीर्थयात्रियों को निजात दिलाने के लिए अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. जोशीमठ क्षेत्र में लगभग 15 साल बाद एक बार फिर से ऐतिहासिक ‘गेट सिस्टम’ लागू कर दिया गया है.

May 23, 2026 - 21:16
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Chardham Yatra New Traffic Rule :जोशीमठ में 15 साल बाद फिर शुरू हुआ 'गेट सिस्टम', तीर्थयात्रियों को जाम से मिलेगी मुक्ति

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है. बदरीनाथ धाम और आज से शुरू हुई हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है. लेकिन, यात्रियों की इस भारी भीड़ की वजह से चमोली के जोशीमठ और मारवाड़ी क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी. 


पिछले दो-तीन दिनों से हाईवे पर यात्रियों को 10 से 12 घंटे लंबे महाजाम का सामना करना पड़ रहा था. इस गंभीर समस्या से तीर्थयात्रियों को निजात दिलाने के लिए अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है. जोशीमठ क्षेत्र में लगभग 15 साल बाद एक बार फिर से ऐतिहासिक ‘गेट सिस्टम’ लागू कर दिया गया है.


बदरीनाथ हाईवे पर वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने ट्रायल के तौर पर इस गेट सिस्टम को शुरू किया है. नए ट्रैफिक प्लान के तहत अब बदरीनाथ धाम से वापस लौटने वाले वाहनों को हाथी पहाड़ पर रोका जा रहा है, जबकि ऋषिकेश की ओर से बदरीनाथ धाम जाने वाली गाड़ियों को जोशीमठ में रोका जा रहा है.


 प्रशासन ने तय किया है कि दोनों तरफ से वाहनों को आधे-आधे घंटे के निर्धारित अंतराल पर ही आगे के लिए छोड़ा जाएगा. इस व्यवस्था से जोशीमठ और मारवाड़ी के बीच के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में वन-वे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा और गाड़ियां आपस में नहीं उलझेंगी. ग्राउंड जीरो पर खुद पुलिस के आला अधिकारी और जवान मोर्चा संभाले हुए हैं.

एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 3-4 दिनों से क्षेत्र में उम्मीद से कहीं ज्यादा गाड़ियां और श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. खासकर जोशीमठ से मारवाड़ी के बीच का जो 8 किलोमीटर का संकरा सड़क मार्ग है, वहां गाड़ियां फंसने से यात्रियों को 3 से 4 घंटे तक एक ही जगह पर खड़ा रहना पड़ रहा था.

 बीच रास्ते में जाम में फंसने के कारण बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही थीं. चूंकि आज (शनिवार) से सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा भी आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है, जिससे हाईवे पर वाहनों का दबाव दोगुना होना तय था.


इस गेट सिस्टम का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि जब गाड़ियां आधे घंटे के लिए गेट पर रुकेंगी, तो श्रद्धालु वहां ठहरकर स्थानीय दुकानों, होटलों और ढाबों का रुख करेंगे. इससे जोशीमठ के स्थानीय छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के कारोबार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. 


शनिवार को इस व्यवस्था का असर जमीन पर साफ देखने को मिला. गेट सिस्टम लागू होने के बाद हाईवे पर कहीं भी जाम की स्थिति नजर नहीं आई और यातायात पूरी तरह व्यवस्थित दिखा. प्रशासन का कहना है कि यह अभी एक ‘ट्रायल’ है, अगर यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है तो आने वाले दिनों में इसे स्थाई रूप से और प्रभावी तरीके से लागू रखा जाएगा.

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Mishra Shivani

Shivani Mishra Chief Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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