Iran-US Tension ; विस्फोट से रात में ही हुआ उजाला, जोरदार धमाके से हिल गया इजरायल
पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. एक तरफ इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर कागजों तक सीमित नजर आ रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नए सख्त संकेत दे दिए हैं. ईरान-अमेरिका में शांति कराने के लिए पाकिस्तानी गृहमंत्री मोहसिन नकवी भी ईरान पहुंचे हैं.
साथ ही ईरानी मीडिया लोगों को AK-47 बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दे रहा है. इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार से अब तक लेबनान में करीब 100 ठिकानों पर हमले किए हैं. इजरायल डिफेंस फोर्सेस के मुताबिक, ये कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से ड्रोन, मोर्टार और विस्फोटक हमलों के जवाब में की गई. दक्षिणी लेबनान के टायर इलाके समेत कई जगहों पर ‘आतंकी ढांचे, ऑब्जर्वेशन पोस्ट और हथियारों के गोदाम’ निशाने पर लिए गए.
हालांकि अमेरिका की पहल पर इजरायल और लेबनान के बीच 45 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग दिख रही है. हिजबुल्लाह लगातार इजरायली सैनिकों पर ड्रोन हमलों के वीडियो जारी कर रहा है, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ रहा है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से शुरू हुई इस नई लड़ाई में अब तक 2,969 लोगों की मौत हो चुकी है और 9,000 से ज्यादा घायल हैं. सिर्फ पिछले कुछ दिनों में ही 80 से ज्यादा लोगों की जान गई है.
यरुशलम के पास जोरदार धमाका: यरुशलम के पास बीत शेमेश इलाके में शनिवार रात हुए एक जोरदार धमाके ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी. धमाका एक टेस्टिंग ग्राउंड पर हुआ, जो इजराइल की सरकारी रक्षा कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग का बड़ा गोला और आसमान में उठता धुआं साफ नजर आया.
स्थानीय लोगों ने तेज आवाज और झटकों की भी पुष्टि की. हालांकि कंपनी ने इसे पहले से तय किया गया ‘टेस्ट’ बताया है, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के इतने बड़े धमाके पर सवाल उठ रहे हैं.
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और यूएई को भी सख्त चेतावनी दी है. उनका कहना है कि इन देशों ने अपनी जमीन ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए खोल दी है. मोखबर ने कहा, ‘ईरान ने अब तक संयम दिखाया है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलेगा.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि हालिया हमलों में ईरान ने पूरी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया था और आगे हालात बदल सकते हैं.
अमेरिका की सख्ती भी जारी: उधर, US सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में चल रही नाकेबंदी के चलते अब तक 78 जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है. यह कदम ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
ईरान का होर्मुज में नया प्लान: इसी बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है. संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि ईरान ने एक नया ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ तैयार किया है, जिसके तहत अब जहाजों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी.
अजीजी के मुताबिक, इस सिस्टम का फायदा सिर्फ उन्हीं जहाजों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे. अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से जुड़े जहाजों को इस रूट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही कुछ सेवाओं के लिए फीस भी लिया जाएगा. इसके अलावा ईरान के टीवी चैनल पर AK-47 चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है.