NEET UG 2026 पेपर लीक : कोचिंग के नाम पर रटवाए जा रहे थे परीक्षा के प्रश्न, कुलकर्णी और मंधारे से पूछताछ जारी
नई गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे घोटाले में अब तक सलाखों के पीछे जा चुके आरोपियों की कुल संख्या 9 हो गई है. सीबीआई की शुरुआती तफ्तीश से साफ हो गया है कि यह पेपर लीक किसी एक केंद्र या शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे बेहद सुनियोजित और शातिर रैकेट काम कर रहा था.
देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में हुए पेपर लीक मामले ने नया और बेहद गंभीर मोड़ ले लिया है. CBI जांच के तहत महाराष्ट्र के पुणे से बॉटनी की टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया गया है.
इस नई गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे घोटाले में अब तक सलाखों के पीछे जा चुके आरोपियों की कुल संख्या 9 हो गई है. सीबीआई की शुरुआती तफ्तीश से साफ हो गया है कि यह पेपर लीक किसी एक केंद्र या शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे बेहद सुनियोजित और शातिर रैकेट काम कर रहा था.
सीबीआई की पूछताछ और जांच में चौंकाने वाली कड़ियां जुड़ी हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से परीक्षा प्रक्रिया के लिए नियुक्त होने के बाद आरोपी शिक्षिका ने बिचौलियों के साथ मिलकर छात्रों को जाल में फंसाना शुरू किया.
इसके बाद अप्रैल में अपने घर पर ‘खास सीक्रेट क्लास‘ के नाम पर छात्रों को सीधे वही सवाल नोट करवाए और रटवाए गए, जो 3 मई को होने वाली परीक्षा के असली प्रश्नपत्र में आने वाले थे. इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड केमिस्ट्री का लेक्चरर पीवी कुलकर्णी था, जिसकी प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी.
जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई ने कल महाराष्ट्र के पुणे से वनस्पति विज्ञान (Botany) की शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है. मंधारे की गिरफ्तारी इस पूरे मामले में बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि वह सीधे तौर पर एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया और छात्रों के बीच की कड़ी थीं.
बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दबोचे गए मुख्य आरोपियों की कुल संख्या अब 9 हो गई है. सीबीआई इन सभी से अलग-अलग और आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट के अंतिम छोर तक पहुंचा जा सके.