अब दूर होगी पूर्वांचल और बुंदेलखंड में पानी की कमी, किसानों के लिए राजकीय नलकूपों का होगा आधुनिकीकरण

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के प्रयासों से यह संभव हो रहा है। सिंचाई और जल संसाधन विभाग किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटा है। बहुत जल्द पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 07 जनपदों में 239 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण होने जा रहा है। विभाग अगले 06 महीनों में 61 जनपदों में 1,101 राजकीय नलकूपों को रीबोर कराने की तैयारी भी कर रहा है। जिससे बड़ी संख्या में किसानों को अधिक से अधिक लाभ देकर उनकी खेती को बढ़ावा दिया जाए।

May 12, 2022 - 03:44
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अब दूर होगी पूर्वांचल और बुंदेलखंड में पानी की कमी, किसानों के लिए राजकीय नलकूपों का होगा आधुनिकीकरण

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित की योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए सिंचाई के लिए उचित संसाधन मुहैया कराने पर भी जोर दिया है। दूसरे कार्यकाल में सीएम योगी के प्रयासों से किसानों के खेत तक सिंचाई सुविधाओं को पहुंचाने की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की जा रही है। सिंचाई और जल संसाधन विभाग को 100 दिनों की कार्ययोजना तैयार करने को दी गई है। योजना के तहत सबसे पहले गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, देवीपाटन मण्डलों में 135 राजकीय नलकूपों और कानपुर, झांसी, बांदा मण्डलों में 104 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण कराया जाएगा। इससे 2395 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा और लगभग 2480 से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। 

नहरों से खेतों तक सिंचाई के लिए जल पहुंचे ताकि खेत-खलिहान लहलहाए। किसानों के चेहरों पर खुशियां आएं और उनको लाभ मिले। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के प्रयासों से यह संभव हो रहा है। सिंचाई और जल संसाधन विभाग किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटा है। बहुत जल्द पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 07 जनपदों में 239 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण होने जा रहा है। इन नलकूपों से पानी की कमी के समय नहरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। 

इस कार्ययोजना में गाजीपुर के अमौरा पम्प नहर एवं रायबरेली की खण्डीय कार्यशाला को भी आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा। विभाग अगले 06 महीनों में 61 जनपदों में 1,101 राजकीय नलकूपों को रीबोर कराने की तैयारी भी कर रहा है। जिससे बड़ी संख्या में किसानों को अधिक से अधिक लाभ देकर उनकी खेती को बढ़ावा दिया जाए। गौरतलब है कि प्रदेश में सिंचाई हेतु उपयोग में आने वाले जल का 70 प्रतिषत भू-जल है। सिंचाई हेतु भू-जल पर कृषकों की निर्भरता अत्यधिक है एवं इसमें राजकीय नलकूपों का बड़ा योगदान है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 34,307 चलित नलकूप हैं। जिनकी सिंचन क्षमता 29.07 लाख हेक्टेयर है।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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