मानसून: उत्तर-पश्चिम में आंधी-ओले का अलर्ट; पूर्वोत्तर में भारी बारिश, कई राज्यों में मानसून आगे बढ़ने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से सक्रिय हो चुका पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के विविध रूप देखने को मिल सकते हैं। कहीं भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। समुद्री क्षेत्रों में भी खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। 

मानसून: उत्तर-पश्चिम में आंधी-ओले का अलर्ट; पूर्वोत्तर में भारी बारिश, कई राज्यों में मानसून आगे बढ़ने के आसार

देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने जा रहा है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून के संयुक्त प्रभाव से उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 


मौसम विभाग (आईएमडी) ने असम, मेघालय और सिक्किम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं, धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 18 जून से सक्रिय हो चुका पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम के विविध रूप देखने को मिल सकते हैं। 


कहीं भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी तो कहीं उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। समुद्री क्षेत्रों में भी खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। 


पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत अधिक उग्र रह सकता है।

दिल्ली एनसीआर में शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। शाम या रात के समय कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा और कोंकण क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार और ओडिशा में मौसम अधिक प्रभावी रह सकता है, जहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने का खतरा है।

राज्य के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी की चेतावनी भी जारी की गई है।


पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां सबसे अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है।


इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, केरल और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है और 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।