बांके बिहारी मंदिर में VIP कल्चर होगा खत्म! भगवान के आगे सब बराबर
VIP दर्शन जैसी व्यवस्था को खत्म करना, दर्शन के समय में बदलाव करना और भीड़ प्रबंधन के नए उपाय लागू करना, इन सबका मकसद मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए समान, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना है. कमेटी की रिपोर्ट का सबसे अहम बिंदु VIP दर्शन स्लिप को पूरी तरह खत्म करना है.
मथुरा ज़िले के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चल रही बहस अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित हाई-पावर्ड कमेटी (HPC) ने अपने हालिया स्टेटस रिपोर्ट में मंदिर प्रबंधन में किए गए बड़े बदलावों का न सिर्फ बचाव किया है, बल्कि उन्हें मौजूदा हालात में अनिवार्य और न्यायसंगत कदम बताया है.
कमेटी का साफ कहना है कि VIP दर्शन जैसी व्यवस्था को खत्म करना, दर्शन के समय में बदलाव करना और भीड़ प्रबंधन के नए उपाय लागू करना, इन सबका मकसद मंदिर में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए समान, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना है. कमेटी की रिपोर्ट का सबसे अहम बिंदु VIP दर्शन स्लिप को पूरी तरह खत्म करना है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और इसके पीछे मूल सोच यह थी कि भगवान के दरबार में किसी तरह का विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए. VIP सिस्टम के तहत कुछ लोगों को लंबी कतारों से बचाकर सीधे दर्शन की सुविधा दी जाती थी, जिसे कमेटी ने समानता के सिद्धांत के खिलाफ बताया.
रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि यह व्यवस्था न केवल आम श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव करती थी, बल्कि इससे भीड़ प्रबंधन भी और जटिल हो जाता था. ऐसे में इसे खत्म करना दर्शन प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता को बहाल करने की दिशा में एक जरूरी कदम माना गया.