यूपी में बनेगा नया हाईस्पीड कॉरिडोर, MP-बिहार से दिल्ली तक जुड़ेगा! गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होगा लिंक
UPEIDA की अलाइनमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, विंध्य एक्सप्रेस केवल दिल्ली और प्रयागराज को ही विंध्य क्षेत्र से नहीं जोड़ेगा, बल्कि मिर्जापुर के हमीदपुर गांव से एक 107 किलोमीटर लंबा 'लिंक मार्ग' निकाला जाएगा. यह नया मार्ग सीधे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आखिरी पॉइंट से जाकर मिलेगा. इससे रीवा, सतना और सीधी के व्यापारियों के लिए बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक सीधी पहुंच आसान हो जाएगी.
गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद यूपी को एक और नया एक्सप्रेसवे मिलने जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे के बनने के यूपी के विंध्य क्षेत्र की तस्वीर बदलेगा. सरकार 'विंध्य एक्सप्रेसवे बना रही है. यह एक्सप्रसवे यूपी के साथ-साथ मध्यप्रदेश के रीवा और सतना जैसे जिलों को भी यूपी से जोड़ेगा.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा तैयार किए जा रहे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से प्रयागराज से रीवा, सतना और सीधी की दूरी घटकर लगभग आधी रह जाएगी. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के पास सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा, जिससे विंध्य क्षेत्र के लोग महज 8 से 9 घंटे में सीधे दिल्ली-एनसीआर पहुंच सकेंगे. आखिर यह प्रोजेक्ट क्या है और इसका रूटमैप क्या होगा? आइए बताते हैं.
भले ही यह एक्सप्रेसवे यूपी सरकार बना रही है, लेकिन यह भविष्य में चार राज्यों को कनेक्ट करेगा. यह प्रस्तावित कॉरिडोर 330 किलोमीटर लंबा होगा. यह एक्सप्रेसवे यूपी के प्रयागराज जिले की सोरांव, फूलपुर और हांडिया तहसीलों में फैले 84 गांवों से होकर गुजरेगा. इसके बाद सोनभद्र की ओर बढ़ेगा. आगे चलकर यह बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड से भी जुड़ेगा.
UPEIDA की अलाइनमेंट रिपोर्ट के मुताबिक, विंध्य एक्सप्रेस केवल दिल्ली और प्रयागराज को ही विंध्य क्षेत्र से नहीं जोड़ेगा, बल्कि मिर्जापुर के हमीदपुर गांव से एक 107 किलोमीटर लंबा 'लिंक मार्ग' निकाला जाएगा. यह नया मार्ग सीधे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आखिरी पॉइंट से जाकर मिलेगा. इससे रीवा, सतना और सीधी के व्यापारियों के लिए बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक सीधी पहुंच आसान हो जाएगी.
जान लीजिये क्या है इस एक्सप्रेसवे की खासियत?
यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज की सोरांव तहसील के जुदादपुर दांडू गांव से शुरू होकर सोनभद्र में NH-39 पर समाप्त होगा.
शुरुआती चरण में यह 6-लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकता है.
इस एक्सप्रेसवे का शुरुआती पॉइंट सीधे गंगा एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच आसान होगी.
इस कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 22 हजार करोड़ खर्च होने का अनुमान है.
इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर पाएंगे.
सोनभद्र जिले के दुर्गम पहाड़ी रास्तों में एक्सप्रेसवे में सुरंगों का निर्माण किया जाएगा.
मिर्जापुर से लगभग 6 किमी पूर्व में गंगा नदी पर एक विशाल पुल बनाया जाएगा.
मिर्जापुर से 107 किमी लंबा लिंक मार्ग निकाला जा रहा है, जो इसे सीधे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.
107 किमी लंबे लिंक रोड वाले हिस्से में ही 6 बड़े इंटरचेंज, 2 रेलवे ओवरब्रिज और 56 अंडरपास बनाए जाएंगे.
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात यह है कि इसे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने का प्रस्ताव है. जिससे पूरे क्षेत्र में एक निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर का निर्माण होगा. इसके बाद मध्यप्रदेश के रीवा और सतना से दिल्ली-एनसीआर पहुंचना भी आसान हो जाएगा. गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे लिंक होने के कारण, विंध्य क्षेत्र से दिल्ली-एनसीआर तक का सफर महज 8 से 9 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.