राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आईजी किरण एस संभाल सकते हैं कमान, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनेगी नई SIT

सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का राज्य सरकार हर पहलु से अध्ययन कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नई एसआईटी के गठन के लिए नाम तय करने को कह दिया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आईजी किरण एस संभाल सकते हैं कमान, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनेगी नई SIT

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करेगी।

नई एसआईटी की कमान मौजूदा एसआईटी के सदस्य लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को ही सौंपी जा सकती है। इस बीच सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित वर्तमान एसआइटी को अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 जुलाई तक का और समय दे दिया है।


सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का राज्य सरकार हर पहलु से अध्ययन कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नई एसआईटी के गठन के लिए नाम तय करने को कह दिया है।


सूत्र बताते हैं कि मौजूदा एसआईटी के सदस्य आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में ही एसआईटी बनाकर उसमें एक डीआईजी व एक एसएसपी स्तर के आईपीएस को रखा जा सकता है। वैसे चर्चा इस बात की भी है कि नई एसआईटी, एडीजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस की अगुवाई में भी बनाने पर विचार किया जा सकता है।

ऐसे में एडीजी स्तर के लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण, मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर को एसआइटी प्रमुख बनाया जा सकता है।

कोर्ट ने 30 जुलाई तक का दिया समय
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने वाली मौजूदा एसआईटी के अनुरोध पर राज्य सरकार ने उसे 30 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दे दिया है।

सूत्र बताते हैं कि एसआईटी द्वारा गृह विभाग को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार उस पर अपने स्तर से सीधे कोई कार्रवाई करने के बजाय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रिपोर्ट उपलब्ध करा देगी।

सबसे पहले 13 जून को गठित हुई थी एसआईटी
उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट के अनुरोध पर ही सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआइटी गठित की थी। एसआईटी की 22 जून को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट भी सरकार ने ट्रस्ट को सौंप दी थी। ट्रस्ट ने ही जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की।