उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी! नेशनल हाईवे पर बनेंगे मधुमक्खी कॉरिडोर, चमकेगी किस्मत

योजना के तहत हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर फूलों वाले, फलदार और औषधीय पेड़ लगाए जाएंगे, जो मधुमक्खियों को आशियाना और भोजन दोनों उपलब्ध कराएंगे। इस मधुमक्खी कारिडोर में ऐसे पौधों की एक सीधी कतार तैयार की जाएगी जो पूरे साल पुष्प रस और परागकण की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए विशेष रूप से नीम, करंज, महुआ, पलाश, जामुन और सिरिस जैसे देशी और पारंपरिक फूलदार पेड़ों का चयन किया गया है।

Jun 20, 2026 - 10:43
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उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी! नेशनल हाईवे पर बनेंगे मधुमक्खी कॉरिडोर, चमकेगी किस्मत

पूर्वी उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग जल्द ही आपको एक नए रूप में नजर आएंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों को सिर्फ कनेक्टिविटी तक सीमित न रखकर, उन्हें पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता का केंद्र बनाने के लिए मधुमक्खी गलियारा विकसित करने की अच्छी पहल शुरू की है।

योजना के तहत हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर फूलों वाले, फलदार और औषधीय पेड़ लगाए जाएंगे, जो मधुमक्खियों को आशियाना और भोजन दोनों उपलब्ध कराएंगे। इस मधुमक्खी कारिडोर में ऐसे पौधों की एक सीधी कतार तैयार की जाएगी जो पूरे साल पुष्प रस और परागकण की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकें। इसके लिए विशेष रूप से नीम, करंज, महुआ, पलाश, जामुन और सिरिस जैसे देशी और पारंपरिक फूलदार पेड़ों का चयन किया गया है।


मधुमक्खियों की चारा खोजने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर हर 500 मीटर से एक किलोमीटर के फासले पर इन विशेष वृक्ष समूहों को विकसित किया जा रहा है। एनएचएआइ ने वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, प्रयागराज, रायबरेली और अयोध्या के परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों को इस संबंध में विशेष निर्देश जारी कर दिए हैं।

हाईवे किनारे मधुमक्खी-अनुकूल वनस्पतियां विकसित होने से न सिर्फ इस संकटग्रस्त कीट का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। इसका सीधा सकारात्मक असर आसपास के ग्रामीण इलाकों की खेती पर पड़ेगा।

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मधुमक्खियों की संख्या बढ़ने से बड़े पैमाने पर परागण होगा, जिससे कृषि और बागवानी की उत्पादकता में वृद्धि देखने को मिलेगी। परिवहन और प्रकृति के इस अनूठे मेल को आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा।


रायबरेली-जौनपुर सेक्शन (एनएच-231) पर करीब 5.3 किलोमीटर का क्षेत्र।

सोनौली-गोरखपुर सेक्शन (एनएच-29ई- निर्माणाधीन) : करीब 79 किलोमीटर का लंबा स्ट्रेच।

गाजीपुर-बलिया सेक्शन पैकेज वन (एनएच-31-निर्माणाधीन) : करीब 41.5 किलोमीटर का क्षेत्र।

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Vidushi Mishra

Sub Desk Editor at NewsASR.Com

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