कानपुर में अटल घाट से शुक्लागंज पुल तक की बदलेगी तस्वीर, गंगा रिवर फ्रंट का काम हुआ तेज
रिवर फ्रंट के विकसित होने से कानपुर में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.बाहर से आने वाले सैलानी गंगा तट की खूबसूरती, घाटों और आसपास की सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे. इससे होटल, रेस्टोरेंट, नाव संचालन, स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा.
कानपुर महानगर में गंगा नदी के किनारे रिवर फ्रंट परियोजना को लेकर रफ्तार तेज हो गई है. अटल घाट से शुक्लागंज पुल तक प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गंगा तट का व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और विकास किया जाएगा.
परियोजना के पूरा होने के बाद यह इलाका न सिर्फ शहरवासियों के लिए सुकून भरा सार्वजनिक स्थल बनेगा, बल्कि कानपुर को पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान भी दिलाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए आज कानपुर के अधिकारी कानपुर के सांसद सभी मौके पर पहुंचे और गंगा तट का निरीक्षण किया.
गंगा रिवर फ्रंट परियोजना को शहरी विकास की बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. योजना के तहत गंगा किनारे वॉक-वे, बैठने की आधुनिक व्यवस्था, हरियाली, आकर्षक लाइटिंग, व्यू प्वाइंट और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए स्थान विकसित किए जाएंगे.
इससे लोगों को गंगा के प्राकृतिक सौंदर्य के करीब समय बिताने का अवसर मिलेगा. साथ ही शहर की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा.
रिवर फ्रंट के विकसित होने से कानपुर में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.बाहर से आने वाले सैलानी गंगा तट की खूबसूरती, घाटों और आसपास की सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे. इससे होटल, रेस्टोरेंट, नाव संचालन, स्थानीय हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा.
जानकारों का मानना है कि इस परियोजना से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. विभागों के तालमेल से आगे बढ़ेगा कामपरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है. गंगा तट की भौगोलिक स्थिति, तटबंधों की मजबूती, जल प्रवाह और पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तकनीकी कार्ययोजना तैयार की गई है.
संपर्क मार्गों और पुलों को रिवर फ्रंट से बेहतर तरीके से जोड़ने पर भी काम किया जाएगा, ताकि लोगों की पहुंच आसान हो सके.अटल घाट से शुक्लागंज पुल तक बनेगा आकर्षण का केंद्ररिवर फ्रंट परियोजना का दायरा अटल घाट से लेकर शुक्लागंज पुल तक फैला होगा.इस पूरे क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा.
यहां सुरक्षा, साफ-सफाई और पर्यावरण संरक्षण को भी खास महत्व दिया जाएगा, ताकि गंगा की स्वच्छता बनी रहे और जैव विविधता को नुकसान न पहुंचे.कानपुर को मिलेगी नई पहचानअधिकारियों का कहना है कि रिवर फ्रंट परियोजना पूरी होने के बाद कानपुर सिर्फ औद्योगिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सुंदर और आधुनिक पर्यटन शहर के रूप में भी जाना जाएगा.
गंगा किनारे विकसित होने वाला यह रिवर फ्रंट आने वाले वर्षों में शहर की शान बनेगा, जहां परिवार, युवा और पर्यटक एक साथ समय बिता सकेंगे. गंगा रिवर फ्रंट परियोजना कानपुर के विकास की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है.तेजी से आगे बढ़ता यह प्रोजेक्ट न सिर्फ गंगा तट की तस्वीर बदलेगा, बल्कि शहर के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को भी नई ऊर्जा देगा.