कांग्रेसी न खुद जीते हैं, न दूसरों को जीने देते हैं- राहुल गांधी, कमलनाथ पर जमकर बरसे सिंधिया
ग्वालियर चंबल में 34 में से 26 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. मकसद चुनाव जीतने का नहीं, मकसद सरकार में आने का था. हमारा मकसद विकास और प्रगति का था. लेकिन, बड़े मियां छोटे मियां की जोड़ी आ गई. वल्लभ भवन में बैठे रहे.
ग्वालियर में 7 अप्रैल की रात एलिवेटेड रोड के सेकंड फेज की स्वीकृति मिलने पर आभार सभा आयोजित की गई. केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार जताने के लिए केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित 5 हजार से ज्यादा लोग महाराजबाड़ा पर जुटे. आभार सभा में सिंधिया ने कांग्रेस, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि जब वे कांग्रेस में थे, तो उन्होंने जनता के विकास के मुद्दे उठाए. इस पर कमलनाथ ने उन्हें सड़क पर आ जाने के लिए कहा. लेकिन, वे भूल गए कि यह वही सिंधिया परिवार है, जिसे डीपी मिश्रा की सरकार ने ललकारा था तो मुंह की खाई थी. राजमाता ने सड़क पर आकर डीपी मिश्रा को धूल चटा दी थी. अगर मेरी जनता के साथ वादा खिलाफी होगी, तो हां मैं सड़क पर आऊंगा. आज मेरे मन में खुशी है कि कि मैं राष्ट्रवादी सोच वाली बीजेपी का कार्यकर्ता हूं.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि बीच में 15 महीने की कांग्रेस सरकार आई थी. उस समय मैं उधर था. जनता के आशीर्वाद से बदलाव आया था. ग्वालियर चंबल में 34 में से 26 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. मकसद चुनाव जीतने का नहीं, मकसद सरकार में आने का था. हमारा मकसद विकास और प्रगति का था. लेकिन, बड़े मियां छोटे मियां की जोड़ी आ गई. वल्लभ भवन में बैठे रहे.
15 महीने में एक बार भी कमलनाथ ने चंबल अंचल में चेहरा नहीं दिखाया. ग्वालियर चंबल संभाग के लोगों के लिए मुख्यमंत्री के मोबाइल में एक फंक्शन सेट था डू नॉट डिस्टर्ब. सिंधिया ने पूर्व सीएम कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि कोरोना का काल में जनता परेशान थी, कांग्रेस सरकार के पास मीटिंग लेने का समय नहीं था. लेकिन, इंदौर में आईफा अवॉर्ड में अभिनेता-अभिनेत्रियों के साथ मुस्कुराने का समय था. जब शिवराज सीएम बने तब हम सब लोगों ने मिलकर कोरोना से लड़ाई लड़ी.
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