होर्मुज खुलने के बाद क्रूड ऑयल धड़ाम! भारत पर क्या होगा असर?क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
शुक्रवार शाम को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स (X) पर पोस्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया गया है. होर्मुज खुलने के बाद धीरे-धीरे गैस और तेल की सप्लाई चेन नॉर्मल होने की उम्मीद की जा रही है.
ईरान की तरफ से 49 दिन बाद होर्मुज स्ट्रेट खोलने का ऐलान किये जाने के बाद क्रूड ऑयल के दाम में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है. अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद शुक्रवार को इजरायल और लेबनान के सीजफायर पर भी सहमति बन गई. इसके बाद शुक्रवार शाम को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात कही.
इससे पिछले डेढ़ महीने से भी ज्यादा से चल रहे युद्ध के धीरे-धीरे शांत होने की उम्मीद है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति बनने के आसार नजर आ रहे हैं. शनिवार सुबह WTI क्रूड के दाम 10.84 डॉलर प्रति बैरल टूटकर 83.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए. इसके अलावा ब्रेंट क्रूड 9 डॉलर टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
इससे पहले शुक्रवार शाम को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स (X) पर पोस्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया गया है. होर्मुज खुलने के बाद धीरे-धीरे गैस और तेल की सप्लाई चेन नॉर्मल होने की उम्मीद की जा रही है.
अराघची ने अपनी पोस्ट में कहा कि लेबनान के साथ सीजफायर पर सहमति बनने के बाद होर्मुज को सभी देशों के कमर्शियल शिप के लिए खोल दिया गया है. क्रूड ऑयल के अलावा गैस के दाम में 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है.
युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल का दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था. क्रूड ऑयल का दाम उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा तो तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया और तेल कंपनियों को भारी नुकसान होने लगा. दुनियाभर के कई देशों में तेल की क्राइसिस हो गई और दाम में इजाफा किया गया.
लेकिन भारत सरकार ने तेल की कीमत बढ़ने का बोझ आम आदमी पर नहीं डाला. तेल कंपनियों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी. इससे बााजर में पेट्रोल-डीजल पुराने ही रेट पर बना रहा. जिससे आम आदमी ने राहत की सांस ली.
क्रूड की सप्लाई नॉर्मल होने पर सरकार की तरफ से तेल कंपनियों को एक्साइज ड्यूटी पर दी जा रही छूट को वापस लिया जाएगा. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती किये जाने की उम्मीद न के बराबर है.