One District One Cuisine: 'एक जिला एक व्यंजन' की सूची में मांसाहारी स्वाद शामिल नहीं, कबाब-बिरयानी को अभी इंतजार

May 07, 2026 - 11:52
0 3
One District One Cuisine: 'एक जिला एक व्यंजन' की सूची में मांसाहारी स्वाद शामिल नहीं, कबाब-बिरयानी को अभी इंतजार


सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना की सूची में मांसाहारी व्यंजनों को फिलहाल शामिल नहीं किया जा रहा है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान का कहना है कि पहले चरण में जिला स्तरीय समिति द्वारा चयनित व्यंजनों को ही शामिल किया गया है। बाद में अन्य व्यंजनों को शामिल किया जाएगा।

एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर बीती 24 जनवरी को शुरू की गई एक जिला एक व्यंजन योजना की सूची में मांसाहारी व्यंजनों को शामिल न किए जाने को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रदेश की खानपान संस्कृति में खास पहचान रखने वाले लखनऊ के गलावटी कबाब, अवधी बिरयानी और नहारी जैसे विश्वप्रसिद्ध व्यंजन सूची से बाहर हैं।


इसी तरह रामपुर के मटन कोरमा और सीक कबाब, बरेली का मटन पकवान भी शामिल नहीं है। प्रदेश के कुछ अन्य शहर, जो अपने विशिष्ट नान-वेज स्ट्रीट फूड और करी के लिए देशभर में जाने जाते हैं, उनके व्यंजन भी सूची में जगह नहीं बना सके।इस बाबत कुइजीन सोसायटी आफ इंडिया के अध्यक्ष और फूड हिस्टोरियन पुष्पेश पंत ने इस पहल को अधूरा करार दिया है।

उन्होंने कहा कि यह कदम चयनात्मक प्रतीत होता है। मांसाहारी व्यंजनों की अनदेखी उचित नहीं है। दूसरी ओर, सूची में प्रदेश के कई पारंपरिक शाकाहारी और मिठाई आधारित व्यंजनों को प्रमुखता दी गई है। आगरा का पेठा और दालमोठ, मथुरा का पेड़ा व खुरचन, अयोध्या की कचौड़ी, मेरठ की रेवड़ी-गजक, वाराणसी की ठंडाई, लस्सी और बनारसी पान, जौनपुर की इमरती, आजमगढ़ की तहरी और गाजर का हलवा, बलिया का सत्तू, मऊ का लिट्टी-चोखा जैसे व्यंजन सूची में शामिल हैं।

इसके अलावा सहारनपुर का शहद, मुजफ्फरनगर और शामली के गुड़ आधारित उत्पाद, प्रतापगढ़ का आंवला और प्रयागराज की कचौड़ी-समोसा-रस मलाई जैसी चीजें भी सूची का हिस्सा हैं।सरकार का कहना है कि इस पहल के तहत हर जिले के एक या अधिक पारंपरिक व्यंजनों की पहचान कर उन्हें गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिये राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने एक्स पर इस पहल को प्रदेश की स्वाद, संस्कृति और अर्थव्यवस्था को नई पहचान देने वाला कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान भी इस योजना का उल्लेख करते हुए कहा था कि इसे ‘ एक जिला एक उत्पाद’ की तर्ज पर लागू किया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच मिलेगी। वही एमएसएमई मंत्री ने बताया कि ओडीओसी योजना के लिए सरकार ने बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। अभी योजना का प्रारंभिक चरण है। आने वाले समय में इसे और विस्तारित किया जाएगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Vidushi Mishra

Sub Desk Editor at NewsASR.Com

Comments (0)

User