विदेश में पढ़ाई के लिए नहीं लेना होगा लोन, फ्री में लें डिग्री! मिडिल क्लास बच्चों के लिए खुशखबरी

हर देश के अपने नियम हैं- कहीं सिर्फ यूरोपीय स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन फ्री है तो कहीं भारतीयों सहित पूरी दुनिया से फीस में 1 भी रुपया नहीं लिया जाता है. जानिए ऐसे देशों की लिस्ट, जहां आप अपनी जेब पर बोझ डाले बिना हायर एजुकेशन की डिग्री हासिल कर सकते हैं. कई देशों में विदेशी स्टूडेंट्स से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है. आप चाहे भारत से हों या अन्य किसी देश से, इन देशों में जाकर मुफ्त में हायर एजुकेशन हासिल कर सकते हैं:

 विदेश में पढ़ाई के लिए नहीं लेना होगा लोन, फ्री में लें डिग्री! मिडिल क्लास बच्चों के लिए खुशखबरी

विदेश में पढ़ाई करने का सपना तो हर कोई देखता है, लेकिन भारी-भरकम ट्यूशन फीस सुनकर कदम अक्सर पीछे हट जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां आप जीरो या बेहद कम फीस में वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन पा सकते हैं?


जी हां, जर्मनी से लेकर नॉर्वे तक, कई देश इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का बांहें फैलाकर स्वागत करते हैं, वह भी बिना बैंक बैलेंस खाली किए. विदेश में फ्री एजुकेशन का मतलब यह नहीं है कि वहां पढ़ाई की क्वॉलिटी खराब है. असल में, ये देश शिक्षा को व्यापार नहीं बल्कि स्टूडेंट्स का बुनियादी हक मानते हैं.


 हालांकि, हर देश के अपने नियम हैं- कहीं सिर्फ यूरोपीय स्टूडेंट्स के लिए एजुकेशन फ्री है तो कहीं भारतीयों सहित पूरी दुनिया से फीस में 1 भी रुपया नहीं लिया जाता है. जानिए ऐसे देशों की लिस्ट, जहां आप अपनी जेब पर बोझ डाले बिना हायर एजुकेशन की डिग्री हासिल कर सकते हैं.


कई देशों में विदेशी स्टूडेंट्स से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है. आप चाहे भारत से हों या अन्य किसी देश से, इन देशों में जाकर मुफ्त में हायर एजुकेशन हासिल कर सकते हैं:


जर्मनी शिक्षा के मामले में सबसे उदार देश माना जाता है. यहां की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल, दोनों तरह के स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई पूरी तरह फ्री है. आपको बस हर सेमेस्टर में लगभग 100 से 350 यूरो (प्रशासनिक शुल्क) देना होता है. खास बात यह है कि यहां मास्टर्स लेवल पर कई प्रोग्राम इंग्लिश लैंग्वेज में उपलब्ध हैं.


नॉर्वे उन गिने-चुने देशों में शामिल है जहां सभी के लिए शिक्षा मुफ्त है, चाहे आप किसी भी देश के नागरिक हों. हालांकि, नॉर्वे में रहने का खर्च (Living Cost) थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन ट्यूशन फीस न होने से आर्थिक बोझ का एक बड़ा हिस्सा कम हो जाता है.


अगर आपके पास EU/EEA की नागरिकता है तो फिनलैंड और स्वीडन में पढ़ाई बिल्कुल मुफ्त है. भारतीय स्टूडेंट्स के लिए यहां फीस लगती है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि ये दोनों देश बेहतरीन ‘स्कॉलरशिप’ प्रोग्राम ऑफर करते हैं, जिससे आपकी फीस काफी हद तक कवर हो सकती है.


कम बजट वाले अन्य बेहतरीन विकल्प

कुछ देश ऐसे भी हैं जहां पढ़ाई बिल्कुल फ्री तो नहीं है, लेकिन वहां की फीस प्राइवेट इंडियन कॉलेजों से भी कम है:


ऑस्ट्रिया: यहां नॉन-ईयू स्टूडेंट्स के लिए सालाना फीस महज 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपये के बीच होती है.

आइसलैंड: पब्लिक यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई फ्री है, बस मामूली रजिस्ट्रेशन फीस देनी होती है.

बेल्जियम और स्लोवेनिया: यहां भी फीस काफी किफायती है और रहने का खर्च भी अन्य यूरोपीय देशों के मुकाबले कम है.


विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन कैसे करें?

फ्री एजुकेशन पाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे:-

यूनिवर्सिटी रिसर्च: ऐसी पब्लिक यूनिवर्सिटी चुनें जहां आपके कोर्स के लिए फीस नहीं लगती.

भाषा की तैयारी: जर्मनी जैसे देशों में बैचलर्स के लिए जर्मन भाषा (B2/C1 लेवल) आना जरूरी है, जबकि मास्टर्स के लिए IELTS/TOEFL काफी है.

दस्तावेज तैयार रखें: अपनी मार्कशीट, रिकमेंडेशन लेटर और बैंक स्टेटमेंट समय पर तैयार करें.

स्कॉलरशिप: फीस फ्री होने के बावजूद रहने के खर्च के लिए ‘DAAD’ (जर्मनी के लिए) जैसी स्कॉलरशिप के लिए जरूर अप्लाई करें.

किसी भी विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए आवेदन करने से पहले वहां के नियम-कायदे बहुत अच्छी तरह से समझ लें. जरा सी भी गड़बड़ होने पर आपका पूरा साल बर्बाद हो