E-scooter on charging- चार्जिंग पर लगा ई-स्कूटर बना काल... एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग शुरू हुई थी। वहीं पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने तुरंत रफ्तार पकड़ी और वहां पार्क किए गए ई-स्कूटर समेत कुल सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
शुरुआती जांच में जो बात सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली और आंखें खोलने वाली है। ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग शुरू हुई थी। वहीं पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने तुरंत रफ्तार पकड़ी और वहां पार्क किए गए ई-स्कूटर समेत कुल सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
वाहनों की टंकियां फटने और प्लास्टिक जलने से पूरी इमारत में पल भर में दमघोंटू काला धुआं भर गया, जिससे ऊपर की मंजिलों पर सो रहे लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए भारी धुएं के बीच फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत सफदरजंग अस्पताल तथा एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
हालांकि, डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट और ई-स्कूटर की चार्जिंग लग रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता विस्तृत फॉरेंसिक और कानूनी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर दिल्ली के हौजरानी, तुगलकाबाद और गोविंदपुरी जैसे उन रिहायशी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां नियमों को ताक पर रखकर बहुमंजिला इमारतें तो तान दी गई हैं, लेकिन न तो वहां वेंटिलेशन की सही व्यवस्था है और न ही वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की।
संकरी गलियों में लटकते बिजली के तार और नीचे खड़ी गाड़ियों में लगती आग मासूमों के लिए 'डेथ ट्रैप' साबित हो रही है। गत तीन जून को हौजरानी में अवैध होटल में आग लगने से 23 लोगों की मौत हो चुकी है।