नहीं रहे बिगबुल राकेश झुनझुनवाला, जानिए राकेश की शख्सियत के बारे में

दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के निधन की खबर आई. शेयर मार्केट में बिग बुल और भारत के वारेन बफेट जैसे नाम से मशहूर शख्शियत के निधन की खबर से कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई.

नहीं रहे बिगबुल राकेश झुनझुनवाला, जानिए राकेश की शख्सियत के बारे में

आज का दिन व्यापार और कारोबारी जगत के लिए उस वक्त एक बुरी खबर ले कर आया. जब देश के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के निधन की खबर आई. शेयर मार्केट में बिग बुल और भारत के वारेन बफेट जैसे नाम से मशहूर शख्शियत के निधन की खबर से कारोबारी जगत में शोक की लहर दौड़ गई. 

महज 5000 रुपये के निवेश के साथ शेयर बाजार में शुरुआत करने वाले राकेश झुनझुनवाला अपनी मेहनत के दम पर हजारों करोड़ के मालिक बन गए. बताया जा रहा है कि उन्होंने रविवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक, कुछ सप्ताह पहले ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे। उनका निधन किन कारणों से हुआ है, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। झुनझुनवाला 62 साल के थे। जानकारी के मुतबिक, आज सुबह 6:45 मिनट पर उनका निधन हो गया। झुनझुनवाला के परिवार में उनकी पत्नी रेखा झुनझुनवाला, बेटी निश्था व दो बेटे आर्यमन और आर्यवीर हैं।  

झुनझुनवाला के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, वह अद्भुत व्यक्ति थे। जीवन से भरपूर, हाजिर जवाबी और व्यावहारिक थे। उन्होंने कहा, झुनझुनवाला अपने पीछे आर्थिक दुनिया में अमिट योगदान छोड़ गए हैं। वह भारत की प्रगति को लेकर बहुत जुनूनी थे।

 

आज के दौर में करोड़ों निवेशक उन्हें फॉलो कर रहे थे. कहा जाता है कि उनके छूते ही शेयर सोना उगलने लगते हैं. राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को मुंबई में हुआ था. झुनझुनवाला भारत से सबसे सफल निवेशकों में से एक थे. मात्र 5000 रुपये से शेयर मार्केट में कदम रखने वाले झुनझुनवाला की गिनती देश के टॉप अमीरों की लिस्ट में होती थी. राकेश झुनझुनवाला शेयर बाजार के सबसे बड़े निवेशकों में से एक थे। वह जब कॉलेज में थे तभी से उन्होंने शेयर बाजार में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में दाखिला लिया। यहां से स्नातक होने के बाद ही उन्होंने शेयर मार्केट में हाथ आजमाना शुरू कर दिया था। झुनझुनवाला ने 1985 में 5,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की थी। सितंबर, 2018 तक यह निवेश बढ़कर 11,000 करोड़ रुपये हो गया था। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में झुनझुनवाला की नेटवर्थ 43.39 हजार करोड़ रुपये है। उनकी कामयाबी की कहानी किसी परीकथा सरीखी है.

उनके पिता इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में अधिकारी और शेयर मार्केट में निवेश करते थे. वहीं से राकेश झुनझुनवाला को शेयर बाजार में पैसा लगाने का चस्का लगा. राकेश झुनझुनवाला ने कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद 1985 में इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया से सीए का कोर्स किया. इसके बाद उन्होंने शेयर बाजार में जाने की इच्छा जताई लेकिन उनके पिता ने इसके लिए पैसे देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि पहले खुद पैसे कमाओ और फिर शेयर बाजार में उतरो. 

राकेश झुनझुनवाला ने पहली बार 1985 में शेयर बाजार में कदम रखा. उन्होंने 5 हजार का निवेश किया और 1986 में अपना पहला मुनाफा कमाया. उन्होंने टाटा टी के शेयर 43 रुपये के भाव पर खरीदे और तीन महीने बाद 143 रुपये प्रति शेयर के भाव से बेच दिए. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. साल 1986 से 1989 के बीच उन्होंने दो से 2.5 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया. इसके बाद सेसा स्टारलिट कंपनी के एक करोड़ रुपये के चार लाख शेयर खरीदे और इस निवेश में मोटा मुनाफा कमाया. 

90 के दशक में स्टॉक मार्केट में हर्षद मेहता का नाम हावी था. लेकिन 1992 के बाद जब मेहता स्कैम सामने आया उसके बाद राकेश झुनझुनवाला ने स्टॉक शॉर्ट करके बड़ी कमाई की थी. उन्होंने खुद इस बात को एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वह बीयर ग्रुप के सदस्य थे और शॉर्ट सेलिंग से काफी कमाई की थी. उस दौर में दो गुट शेयर बाजार पर राज करते थे बियर और बुल. उन दिनों राकेश झुनझुनवाला का नाम बीयर ग्रुप में शुमार था. 

साल 2003 में राकेश झुनवाला ने टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन कंपनी  में निवेश किया. कहा जाता है कि इस एक शेयर ने उनकी किस्मत बदल दी थी. उन्होंने छह करोड़ शेयर तीन रुपये के भाव पर खरीदे. आज भी इसका एक शेयर कीमती बताया जाता है. 

आज उनके पोर्टफोलियो में कई कंपनियों के शेयर शामिल थे. इनमें सेल, टाटा मोटर्स, टाटा कम्युनिकेशंस, ल्यूपिन, टीवी18, डीबी रियल्टी, इंडियन होटल्स, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, फेडरल बैंक, करुर वैश्य बैंक, एस्कॉर्ट्स लिमिटेड, टाइटन कंपनी जैसी कंपनियां शामिल थीं.