प्रयागराज में हनीट्रैप: टिंडर पर युवती ने बनाई आईडी, बैठे-बैठे कमाने लगी करोड़ों

तस्वीरें और वीडियो हाथ में आते ही इस ‘हनीट्रैप क्वीन’ का असली और खौफनाक रूप सामने आता था. वह पीड़ितों को उनकी निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल कर मोटी रकम की मांग करती. जो लोग पैसा देने में आनाकानी करते या पुलिस के पास जाने की बात कहते, उन्हें रेप और हत्या के प्रयास जैसे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी. 

Aug 08, 2026 - 22:01
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प्रयागराज में हनीट्रैप: टिंडर पर युवती ने बनाई आईडी, बैठे-बैठे कमाने लगी करोड़ों


ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स पर प्यार और जीवनसाथी की तलाश करने वाले सावधान. उत्तर प्रदेश (यूपी) में एक एक्सटॉर्शन गैंग चल रहा है. एक शातिर महिला ने डेटिंग ऐप टिंडर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपना हथियार बनाकर एक बड़े हनीट्रैप सिंडिकेट को अंजाम दिया. 


आरोप है कि इस महिला ने कई रईस और सीधे-सादे पुरुषों को अपने हुस्न के जाल में फंसाया, उनके साथ अंतरंग तस्वीरें और वीडियो बनाए और फिर उन्हें ब्लैकमेल करके करीब 6 करोड़ रुपये ऐंठ ली. इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक वकील द्वारा किया गया. दरअसल, वकील ने पुलिस में उस शातिर महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था.


पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, इस महिला की पहचान पल्लवी सिंह राजपूत के रूप में हुई है. यह शातिर महिला सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से फर्जी अकाउंट चलाती थी. शिकार को फंसाने के लिए उसने ‘स्वीटी तिवारी’ जैसे छद्म नामों का भी बखूबी इस्तेमाल किया.


पल्लवी का काम करने का तरीका बेहद सधा हुआ था. वह सबसे पहले डेटिंग ऐप या सोशल मीडिया के जरिए अनजान पुरुषों से दोस्ती करती थी. मीठी-मीठी बातों से यह दोस्ती जल्द ही करीबियों और गहरे संबंधों में बदल जाती थी. 


जब शिकार पूरी तरह से उसके जाल में फंस जाता और उससे मिलने आता, तो वह गुपचुप तरीके से उनकी अंतरंग तस्वीरें और आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी. इसके बाद शुरू होता था असली और गंदा खेल.


तस्वीरें और वीडियो हाथ में आते ही इस ‘हनीट्रैप क्वीन’ का असली और खौफनाक रूप सामने आता था. वह पीड़ितों को उनकी निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल कर मोटी रकम की मांग करती. जो लोग पैसा देने में आनाकानी करते या पुलिस के पास जाने की बात कहते, उन्हें रेप और हत्या के प्रयास जैसे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती थी. 


समाज में बदनामी, इज्जत छिन जाने और कोर्ट-कचहरी के डर से पीड़ित पुरुष उसकी हर जायज-नाजायज मांग पूरी करने को मजबूर हो जाते थे. शिकायतकर्ता का दावा है कि इस डरावने तरीके से अब तक 6 करोड़ रुपये से अधिक की रंगदारी वसूली जा चुकी है.

इस मामले का सबसे चिंताजनक और खौफनाक पहलू यह है कि महिला की धमकियां सिर्फ खोखली नहीं थीं. शिकायतकर्ता के मुताबिक, पल्लवी सिंह राजपूत की झूठी शिकायतों और गढ़े गए मुकदमों के आधार पर अब तक कम से कम 5 निर्दोष लोग जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं. इस गैंग ने पुलिस और कानून का इस्तेमाल लोगों पर खौफ का भारी दबाव बनाने और पैसे वसूलने के लिए एक सुनियोजित हथियार के रूप में किया.


इस हाई-प्रोफाइल मामले के मीडिया में तूल पकड़ने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन्हें इसी हनीट्रैप केस से जोड़ा जा रहा है. एक तस्वीर में बिस्तर पर 500-500 के नोटों की भारी-भरकम गड्डियां सजी हुई दिख रही हैं, जो कथित तौर पर इसी अवैध वसूली की रकम मानी जा रही है. व


हीं, एक अन्य तस्वीर में यही महिला हाथ में एक खतरनाक हथियार (Weapon) पकड़े हुए पूरे टशन में नजर आ रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन वायरल तस्वीरों की सत्यता, उनके खींचे जाने की तारीख और संदर्भ की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, जांच जारी है.

इस करोड़ों की वसूली को अकेली पल्लवी अंजाम नहीं दे रही थी. पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, इस संगठित वसूली सिंडिकेट में दो अन्य महिलाएं और दो पुरुष भी उसके मुख्य मददगार थे, जो मिलकर इस पूरे रैकेट का संचालन करते थे. 


यह सभी मिलकर पीड़ितों को डराने और पैसे का लेनदेन करने का काम करते थे. फिलहाल, इस सनसनीखेज मामले ने यूपी पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है और प्रयागराज पुलिस इस गिरोह की तह तक जाने के लिए सभी पहलुओं पर गहन जांच में जुट गई है.

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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