US - Greenland: कैसे भी हो आखिर डोनाल्ड ट्रंप को हर हाल में क्यों चाहिए ग्रीनलैंड

हकीकत यही है कि डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड में चीन और रूस का ही डर सता रहा है. यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अपना दावा मजबूत करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने इस द्वीप को अपने कब्जे में नहीं लिया, तो रूस या चीन वहां कब्जा जमा लेंगे. 

Jan 10, 2026 - 10:34
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US - Greenland: कैसे भी हो आखिर डोनाल्ड ट्रंप को हर हाल में क्यों चाहिए ग्रीनलैंड


वेनेजुएला में डोनाल्ड ट्रंप खेल कर चुके हैं. निकोलस मादुरो को उठवाकर अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर अपना कब्जा जमा चुका है. अब अमेरिका की नजर ग्रीनलैंड पर है. अमेरिकी राष्ट्रपि डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. ट्रंप की हरकतों से साफ है कि धन हो या बल अमेरिका अब ग्रीनलैंड पर अपना राज कायम करके ही मानेगा. 

अब सवाल है कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा क्यों चाहते हैं, आखिर उन्हें किस बात का डर सता रहा है, क्या अमेरिका की इस हड़बड़ाहट के पीछे चीन और रूस हैं?


दरअसल, हकीकत यही है कि डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड में चीन और रूस का ही डर सता रहा है. यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अपना दावा मजबूत करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने इस द्वीप को अपने कब्जे में नहीं लिया, तो रूस या चीन वहां कब्जा जमा लेंगे. 

ट्रंप ने कहा है कि अगर जरूरूत पड़ी तो अमेरिका ग्रीनलैंड को सुरक्षित करने के लिए बड़े कदम उठाएगा. डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर अपना दावा सुरक्षा के लिहाज से अहम मानते हैं. बकौल डोनाल्ड ट्रंप अगर ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा नहीं हुआ तो यह अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी होगी.

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो चीन या रूस वहां अपनी मजबूत मौजूदगी बना सकते हैं, जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा. रिपोर्टरों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। मौजूदा सैन्य समझौते अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चिंता की एक और वजह है. उनका कहना है कि ग्रीनलैंड के आसपास पहले से ही रूस और चीन की सैन्य गतिविधियां दिख रही हैं. ट्रंप का कहना है कि अभी ग्रीनलैंड के आसपास रूसी युद्धपोत हैं, चीनी युद्धपोत हैं, और रूसी पनडुब्बियां हर जगह हैं. उन्होंने कहा कि हम रूस या चीन को ग्रीनलैंड में पड़ोसी नहीं बनने देंगे.

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Mishra Shivani

Shivani Mishra Chief Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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