शिवपाल यादव 2024 में BJP से करेंगे गठबंधन- अखिलेश पर निशाना साधते हुए किया ये इशारा
सूत्रों के अनुसार, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए का हिस्सा बनने वाले हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। दरअसल शिवपाल यादव ने 2024 में पार्टी के सत्ता में होने की बात कही है। शिवपाल के बयान से सियासी हलकों में सरगर्मी तेज हो गई।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़े फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले एसपी संरक्षक मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन थामा था। सूत्रों के मुताबिक, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मुखिया शिवपाल सिंह यादव लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए का हिस्सा बनने वाले हैं।
उन्होंने 2024 के लोकसभा में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। दरअसल शिवपाल यादव ने 2024 में पार्टी के सत्ता में होने की बात कही है। शिवपाल के बयान से सियासी हलकों में सरगर्मी तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने संगम नगरी प्रयागराज में ये बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2024 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी अपने संगठन के बूते सत्ता में रहेगी। इस मौके पर शिवपाल यादव ने 2024 में बीजेपी से गठबंधन के भी संकेत दिए हैं।

चाचा भतीजे का साथ छोड़कर एनडीए गठबंधन में शामिल होने की तैयारी बना रहे हैं। लोकसभा चुनाव में शिवपाल सिंह यादव की योगी-मोदी के साथ एक मंच पर जुगलबंदी देखने को मिल सकती है। फिलहाल इसकी भनक भतीजे के खेमे को लग चुकी है।
पीएसपी (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ) चीफ शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भतीजे अखिलेश यादव को एक और मौका दिया था। चाचा शिवपाल सिंह यादव ने भतीजे के लिए अपनी पूरी पार्टी को कुर्बान कर दिया था। इसके बाद भी उन्हे समाजवादी पार्टी में सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार थे। पीएसपी के शीर्ष नेता पार्टी छोड़कर चले गए। समाजवादी पार्टी की होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों में शिवपाल सिंह यादव को नहीं बुलाया गया।
शिवपाल सिंह यादव भतीजे सपा मुखिया अखिलेश यादव पर भी निशाना साधने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव पार्टी की कमियां देख लेते और टिकटों का बंटवारा सही कर लेते तो इस समय सरकार में होते. वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव के मायावती और बीजेपी के मिले होने के बयान पर कहा कि मीडिया को सब पता है. इस मौके पर शिवपाल सिंह यादव ने बीजेपी सरकार में नौकरशाही के निरंकुश होने और भ्रष्टाचार का भी गंभीर आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के बाद राजनीतिक जानकार अटकलें लगा रहे थे कि शिवपाल सिंह यादव बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। बहू अपर्णा यादव ने भी चाचा शिवपाल सिंह को बीजेपी में शामिल कराने का खूब प्रयास किया, लेकिन किसी को नहीं पता था कि पीएसपी चीफ शिवपाल सिंह यादव के मन में क्या चला रहा है। शिवपाल सिंह को ऐसे ही नहीं कुशल राजनीतिज्ञ कहा जाता है। पीएसपी मुखिया शिवपाल सिंह यादव हमेशा अंतिम समय में अपने पत्ते खोलने के लिए जाने जाते हैं।
पीएसपी मुखिया शिवपाल सिंह यादव यदि एनडीए के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा नुकसान एसपी को उठाना पड़ेगा। लोकसभा उपचुनाव में एसपी अपना गढ़ भी नहीं बचा पाई। बीजेपी ने रामपुर और आजमगढ़ में भी कमल खिला दिया। बीजेपी का विजय रथ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी ने एक-एक कर एसपी के गढ़ कहे जाने वाले इटावा, कन्नौज, रामपुर, आजमगढ़ पर कब्जा कर लिया है। इन हालातों में यदि शिवपाल सिंह यादव लोकसभा चुनाव में एनडीए का हिस्सा बनते हैं तो एसपी के पास जितनी सीटे हैं, उन्हे भी बचाना मुश्किल हो जाएगा।
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