NRHM घोटाला: यूपी सरकार ने दोषी आनंद प्रकाश तिवारी की समयपूर्व रिहाई अर्जी खारिज की
उत्तर प्रदेश सरकार ने बहुचर्चित एनआरएचएम घोटाले से जुड़े दोहरे सीएमओ हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी आनंद प्रकाश तिवारी की समयपूर्व रिहाई की अर्जी खारिज कर दी है।
गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी आदेश में कहा गया कि अपराध की गंभीरता और उसके व्यापक सामाजिक प्रभाव को देखते हुए तिवारी की रिहाई “उचित नहीं” पाई गई।
लखनऊ के विकास नगर निवासी आनंद प्रकाश तिवारी दो अलग-अलग हत्या मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। उस पर 27 अक्तूबर 2010 को तत्कालीन सीएमओ (परिवार कल्याण) डॉ. विनोद कुमार आर्य की हत्या और 2 अप्रैल 2011 को उनके उत्तराधिकारी डा. बीएन सिंह की हत्या में दोषसिद्धि हुई थी।
दोनों हत्याकांड उस समय हुए थे जब उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) योजना में बहुचर्चित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भारी हलचल थी। बाद में मामले की जांच सीबीआई ने की थी।
सरकारी आदेश के अनुसार, तिवारी 1 अगस्त 2025 तक 14 वर्ष से अधिक वास्तविक कारावास की अवधि पूरी कर चुका था और जेल में उसका आचरण भी संतोषजनक पाया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस तथा जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में भी उसके दोबारा अपराध करने की तत्काल आशंका नहीं जताई गई थी।