Allahabad High Court order: अफसर पर कार्रवाई करो, पीड़ित को 5 लाख दो- ऑर्डर के बावजूद गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट नाराज

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 1 अप्रैल को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया. फिर भी एसएचओ ने 4 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार कर लिया. याचिकाकर्ता ने बताया कि उनके भाई ने गिरफ्तारी वाले दिन एसएचओ को हाईकोर्ट आदेश की सूचना देने के लिए हलफनामा तैयार किया था. 

Jun 02, 2026 - 10:24
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Allahabad High Court order: अफसर पर कार्रवाई करो, पीड़ित को 5 लाख दो- ऑर्डर के बावजूद गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट नाराज


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के बावजूद एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने अवैध हिरासत में रखने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को 5 लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित को देने का आदेश दिया है. 

साथ ही उस व्यक्ति की तुरंत रिहाई का आदेश जारी करने को कहा गया है और संबंधित अफसर पर कार्रवाई करने को कहा है. हाईकोर्ट के अंतरिम ऑर्डर के बावजूद उस व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था, जिस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया. 
इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश


29 मई के आदेश में कोर्ट ने कहा कि संबंधित थाना अधिकारी एसएचओ के खिलाफ ड्यूटी सही तरीके से न करने को लेकर लापरवाही के साथ कोर्ट के आदेश का उल्लंघन और अनुशासनहीनता के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए.

जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने अनिल सोनी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी. पीड़ित का कहना था कि  सिद्धार्थनगर जिले के इटवा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 69 (धोखाधड़ी से यौन संबंध) और अन्य धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्टके प्रावधानों के तहत एक महिला ने एफआईआर दर्ज कराई थी. 

जबकि उसके साथ कथित तौर पर पिछले दो सालों से प्रेम संबंध था.एफआईआर को चुनौती देते हुए अनिल सोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.


हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 1 अप्रैल को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित किया. फिर भी एसएचओ ने 4 अप्रैल को उन्हें गिरफ्तार कर लिया. याचिकाकर्ता ने बताया कि उनके भाई ने गिरफ्तारी वाले दिन एसएचओ को हाईकोर्ट आदेश की सूचना देने के लिए हलफनामा तैयार किया था. 


वकील ने भी एसएचओ से संपर्क साधा, लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया.सरकारी वकील ने गिरफ्तारी को यह कहकर सही ठहराया कि अंतरिम आदेश पेश न किए जाने के कारण एसएचओ कार्रवाई करने को मजबूर था.

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Sharma Kumar Manish

Associate Desk Editor

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