बुजुर्ग महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 1.55 करोड़: ATS से बोल रहा हूं, आप आतंकी गतिविधियों में.. 

बुजुर्ग महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 1.55 करोड़: ATS से बोल रहा हूं, आप आतंकी गतिविधियों में.. 


राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों एक बार फिर एक बुजुर्ग को निशाना बनाया है. राणा प्रताप मार्ग निवासी रिटायर्ड महिला डॉक्टर जिया सुल्ताना को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 1.55 करोड़ रुपए वसूल लिए. इतना ही नहीं आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का झांसा देकर 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. ठगों ने खुद को एटीएस का अधिकारी बता कर जेल भेजने की धमकी दी थी.


पीएमएस कैडर से रिटायर 75 वर्षीय महिला डॉक्टर जिया सुल्ताना अकेली रहती हैं. 11 अप्रैल को डॉक्टर जिया के पास अनजान नंबर से कॉल आई थी.


कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ हेडक्वार्टर का इंस्पेक्टर आकाश शर्मा बताया था. डॉक्टर जिया के आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकी वारदात में होने का बात कह कर डराया उसने डराया और फिर जेल भेजने की धमकी दी. 

धमकी से डरी डॉक्टर जिया ने अपने बैंक खातों की जानकारी ठगों को दे दी. इज्जत और डर के चलते उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया. इस बीच ठगों ने जांच के नाम पर सारी रकम बताए गए खातों में भेजने को कहा. यह भी कहा गया कि जांच के बाद रकम वापस कर दी जाएगी.

सी झांसे में आकर पीड़िता ने 13 से 17 अप्रैल के बीच 1 करोड़ 55 लाख रुपए ठगों के बताए खातों में भेज दिए. अगले दिन पीड़िता ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने मोबाइल ऑफ कर लिया. जिसकी बाद बुजुर्ग डॉक्टर को अपने साथ ठगी का पता चला. 

पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर साइबर क्राइम पुलिस जांच में जुटी है और जिन खातों में रकम भेजी गई है उसे फ्रीज कराने में जुटी है. राजधानी लखनऊ में यह पहला मामला नहीं है, 

इससे पहले भी कई बैंककर्मी, डॉक्टर और अन्य लोग साइबर ठगों का शिकार हो चुके हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी पुलिस अधिकारी फोन पर अरेस्ट करने या जेल भेजने धमकी दे तो सतर्क हो जाएं। क्योंकि मोबाइल पर एफआईआर दर्ज नहीं होता है और ना ही डिजिटल सुनवाई होती है.