छिपे है कई राज! दोस्ती के बीच आई 'वो'.... कानपुर में होजरी व्यापारी की हत्या में प्रेम त्रिकोण

रामचंद्र गुप्ता के दो मंजिला मकान में अल्का और रानी त्रिवेदी, जानकी कश्यप और दो अन्य लोग परिवार के साथ किराये पर रहते हैं। रानी और अल्का ने बताया कि यहां सालों से क्षेत्र के कई अराजक तत्व नशेबाजी करते हैं और उनके परिवार की महिलाओं व बेटियों को बदनीयती से घूरते हैं। मकान की छत पर बिना किसी से पूछे चले जाते हैं और नशेबाजी करते हैं। अगर कोई विरोध करो तो मारपीट और धमकी दी जाती है। इसलिए वे सभी लोग कमरे में दरवाजा बंदकर रहते हैं।

छिपे है कई राज! दोस्ती के बीच आई 'वो'.... कानपुर में होजरी व्यापारी की हत्या में प्रेम त्रिकोण

सवाई सिंह का हाता में शुक्रवार शाम हुई होजरी व्यापारी विजय की हत्या में प्रेम त्रिकोण में तो दोस्त ने तो नहीं कर दी। पुलिस भी इस बिंदु पर जांच कर रही है। वहीं, क्षेत्रीय लोगों के अनुसार आरोपित विशाल अपने साथियों के साथ सफेदपोश के संरक्षण में ड्रग्स भी सप्लाई करता था। फिलहाल पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपित बहुत जल्द दबोच लिया जाएगा।

विजय चौरसिया को जिस तरह से फोन कर बुलाया गया और वह दुकान छोड़कर तुरंत ही निकल गया। इसके बाद विशाल की स्कूटी से वह सवाई सिंह का हाता में रामचंद्र के मकान में भी साथ गए। ऐसे में दोनों के बीच दोस्ती होना तो स्पष्ट है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि आरोपित के क्षेत्र की एक महिला से उसके प्रेम प्रसंग है, लेकिन उसी महिला की दिवंगत से भी बात होती थी। इसको लेकर विशाल विजय से खुन्नस रखने लगा था और उसने विजय को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली थी।


उसने शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे विजय को फोन कर बुलाया, जबकि वह खुद भी दुकान जा सकता था, लेकिन उसे डर था कि वारदात के बाद उसे दुकान के कर्मचारी पहचान लेंगे कि वह ही विजय को साथ लेकर गया है। इसलिए विशाल ने रास्ते में विजय को बुलाया। इसके बाद रामचंद्र के मकान में ले गए, जहां उसकी हत्या कर दी।


सवाई सिंह का हाता में रामचंद्र गुप्ता के मकान में शाम सवा सात से साढ़े सात के बीच गोली की आवाज सुनकर महिलाएं कमरों से निकली तो एक युवक सीढ़ियों से उतरते हुए भागते दिखा, जिसे देख महिलाएं चिल्लाते हुए बोलीं वो तो विशाल भाग रहा है न नारंगी शर्ट वाला, पर हुआ क्या है। इसके बाद महिलाएं सीढ़ियों पर चढ़ी तो पहली मंजिल की सीढ़ियां पर विजय चौरसिया का शव दिखा, जिसे देख महिलाएं चीख पड़ी।

रामचंद्र गुप्ता के दो मंजिला मकान में अल्का और रानी त्रिवेदी, जानकी कश्यप और दो अन्य लोग परिवार के साथ किराये पर रहते हैं। रानी और अल्का ने बताया कि यहां सालों से क्षेत्र के कई अराजक तत्व नशेबाजी करते हैं और उनके परिवार की महिलाओं व बेटियों को बदनीयती से घूरते हैं। मकान की छत पर बिना किसी से पूछे चले जाते हैं और नशेबाजी करते हैं। अगर कोई विरोध करो तो मारपीट और धमकी दी जाती है। इसलिए वे सभी लोग कमरे में दरवाजा बंदकर रहते हैं।

उर्सला अस्पताल की इमरजेंसी के डा. प्रशांत सिंह ने बताया कि विजय चौरसिया को रात 8: 10 बजे के दौरान अस्पताल लाया गया था। उस समय वह ब्राड डेड थे। नाक से भी खून आ रहा था। पीछे सिर में चोट होने से खून काफी निकल चुका था। 


डाक्टर ने गोली लगने की बात को स्पष्ट नहीं किया। कहा कि गोली लगने का घाव अधिक होता है। इस तरह की चोट पर गोली लगने जैसा घाव नहीं दिख रहा था। डा. प्रशांत ने यह भी आशंका जताई है कि हो सकता है कि दिवंगत विजय को हाई ब्लड प्रेशर हुआ हो और वह गिरे पड़े, जिससे उनके पीछे सिर में गहरी चोट आने से नाक से भी खून आया है।


 इमरजेंसी कक्ष के रोगी एंट्री रजिस्टर के मुताबिक, दिवंगत विजय चौरसिया को उनकी बहन शिखा रात 8:50 अस्पताल लेकर पहुंची थी।