इतिहास बना राजपथ- आज नए रंग रूप में सजे कर्तव्य पथ का प्रधानमंत्री मोदी शाम को करेंगे उद्घाटन
दिल्ली में राजपथ का नाम कर्तव्य पथ करने के प्रस्ताव को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की अनुमति मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बृहस्पतिवार को शाम सात बजे कर्तव्य पथ का उद्घाटन करेंगे। कर्तव्य पथ के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फुट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे।
लगभग 20 महीनों के बाद इंडिया गेट और राजपथ नए रंग रूप और नए नाम के साथ लोगों के लिए खुलने को तैयार है। जानकारी के लिए बता दे विजय चौक और इंडिया गेट जिस सड़क से जुड़ते हैं, बुधवार को वह इतिहास बन गई। लगभग 3.20 किमी लंबा राजपथ नए रंग-रूप और नाम के साथ अब कर्तव्य पथ के रूप में जाना जाएगा। दिल्ली में राजपथ का नाम कर्तव्य पथ करने के प्रस्ताव को नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की अनुमति मिल गई है। NDMC की विशेष बैठक में राजपथ का नाम बदलने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई, जिसके बाद अब राज पथ के बोर्ड हटाकर कर्तव्य पथ के बोर्ड लगाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बृहस्पतिवार को शाम सात बजे कर्तव्य पथ का उद्घाटन करेंगे। कर्तव्य पथ के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फुट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। ग्रेनाइट पत्थर पर उकेरी गई इस प्रतिमा का वजन 65 मीट्रिक टन है। बुधवार इसे उसी स्थान पर स्थापित की जा रही है, जहां बीते 23 जनवरी पराक्रम दिवस पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया था।
अपने नए रूप में सजे कर्तव्य पथ के अगल बगल लाल ग्रेनाइट से करीब 15.5 किमी का वॉकवे बना है। बगल में करीब 19 एकड़ में नहर भी है। इस पर 16 पुल बनाए गए हैं। फूड स्टॉल के साथ दोनों तरफ बैठने का भी इंतजाम है। पूरे क्षेत्र के करीब 3.90 लाख वर्ग मीटर में फैली हरियाली भी दर्शनीय है। दिलचस्प यह कि वॉक वे व बेहतर पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास बने हैं। शाम ढलने पर इसका नजारा बदला-बदला होगा। अंधेरा घिरने पर जिन अत्याधुनिक लाइट्स से यह जगमगाएगा, उसका अनुभव ही अलग होगा। कल शुक्रवार से यह हिस्सा आम लोगों के लिए आम होगा।
जानिए क्या है सुविधाएं-
19 एकड़ में फैले नहर के इलाके को पुनर्विकसित किया गया है। पैदल यात्रियों के लिए इस पर 16 पुल बनाए गए हैं। कृषि भवन और वाणिज्य भवन के पास बोटिंग कर सकेंगे। यहां पर पार्किंग लॉट बनाया गया है। इसमें 1,125 गाड़ियां खड़ी हो सकेंगी। इसके अलावा इंडिया के पास भी पार्किंग के लिए स्पेस है, जहां 35 बसें खड़ी होंगी।74 ऐतिहासिक लाइट पोल्स और चेन लिंक्स को रिस्टोर किया गया है। साथ ही 900 से ज्यादा नए लाइट पोल्स भी लगाए गए हैं। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में 3.90 लाख वर्ग मीटर का ग्रीन एरिया है। लोगों के टहलने के लिए 15.5 किमी लंबा रास्ता तैयार किया गया है। इस पर रेड ग्रेनाइट लगा हुआ है। पूरा इलाका सीसीटीवी की जद में है। वहीं, करीब 80 सुरक्षा कर्मी हर वक्त तैनात रहेंगे।

अपने नए रूप में कर्तव्य पथ के आस-पास लाल ग्रेनाइट से करीब 15.5 किमी का वॉकवे बना है। बगल में करीब 19 एकड़ में नहर भी है। इस पर 16 पुल बनाए गए हैं। फूड स्टॉल के साथ दोनों तरफ बैठने का भी इंतजाम है। पूरे क्षेत्र के करीब 3.90 लाख वर्ग मीटर में फैली हरियाली भी दर्शनीय है। दिलचस्प यह कि वॉक वे व बेहतर पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास बने हैं। शाम ढलने पर इसका नजारा बदला-बदला होगा। अंधेरा घिरने पर जिन अत्याधुनिक लाइट्स से यह जगमगाएगा, उसका अनुभव ही अलग होगा।
आजादी से पहले राजपथ को किंग्स वे और जनपथ को क्वींस वे के नाम से जाना जाता था। स्वतंत्रता मिलने के बाद क्वींस वे का नाम बदलकर जनपथ कर दिया गया था। जबकि किंग्स वे राजपथ के नाम से जाना जाने लगा। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के बाद अब इसका नाम कर्तव्य पथ कर दिया गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि राजपथ से राजा के विचार की झलक मिलती है, जो शासितों पर शासन करता है। जबकि लोकतांत्रिक भारत में जनता सर्वोच्च। नाम में बदलाव जन प्रभुत्व और उसके सशक्तिकरण का एक उदाहरण है।

राजपथ राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक का रास्ता कहलाता था, जिसकी लंबाई 3 किलोमीटर है। राजपथ पर ही हर साल गणतंत्र दिवस पर परेड निकलती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में इसका नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने का फैसला किया। इस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए बुधवार को नई दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (NDMC) ने बैठक बुलाई थी। बैठक में नाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अब इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन की पूरी सड़क और क्षेत्र को 'कर्तव्यपथ' के नाम से जाना जाएगा।
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