लखनऊ में आज होगी संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसानों की महापंचायत

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उनकी जमीन कब्जाने की साजिशें हो रही हैं। सरकार कभी खेतों में कटीले तार लगाने पर प्रतिबंध लगाती है तो कभी ट्रैक्टर ट्राली पर। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। जीएम सरसों को मंजूरी जैसे निर्णय भी किसान विरोधी हैं। गन्ने का बकाया भुगतान, बिजली आपूर्ति, एमएसपी पर गारंटी, कर्जा माफी, किसान पेंशन, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी जैसे तमाम मुद्दे हैं जो हल नहीं हो पा रहे हैं।

Nov 26, 2022 - 09:17
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लखनऊ में आज होगी संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसानों की महापंचायत

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान आज लखनऊ के ईको गार्डन में हुंकार भरेंगे। कृषि कानूनों को लेकर दो साल पहले 26 नवंबर को ही दिल्ली में किसानों ने आंदोलन शुरू किया था। उसकी याद और विभिन्न मुद्दों को लेकर किसान लखनऊ में महापंचायत कर रहे हैं। इसमें भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल होंगे। इसमें किसानों के विभिन्न मुद्दे उठाए जाएंगे।

भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उनकी जमीन कब्जाने की साजिशें हो रही हैं। सरकार कभी खेतों में कटीले तार लगाने पर प्रतिबंध लगाती है तो कभी ट्रैक्टर ट्राली पर। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। जीएम सरसों को मंजूरी जैसे निर्णय भी किसान विरोधी हैं। गन्ने का बकाया भुगतान, बिजली आपूर्ति, एमएसपी पर गारंटी, कर्जा माफी, किसान पेंशन, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी जैसे तमाम मुद्दे हैं जो हल नहीं हो पा रहे हैं। 

इसी के लिए शनिवार को लखनऊ के ईको गार्डन में महापंचायत करेंगे। कहा जा रहा है कि पंचायत के बाद राजभवन पर मार्च भी किया जा सकता है। इसका निर्णय पंचायत में ही लिया जाएगा। महापंचायत में भाकियू, किसान सभा, जय किसान आंदोलन, क्रांतिकारी किसान यूनियन, भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन आदि प्रमुख किसान संगठनों भाग ले रहे हैं।

किसानों को सिंचाई के लिए फ्री बिजली, गरीबों को 300 यूनिट फ्री बिजली, गन्ना का बकाया भुगतान, आवारा पशुओं का बंदोबस्त, डीएपी खाद की समुचित उपलब्धता, सूखा और अतिवृष्टि का बकाया मुआवजा जैसी तमाम राज्यस्तरीय एवं क्षेत्रीय मांगों को पंचायत में उठाया जाएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिस जिलों-जिलों में किसानों को रोक रही है। कहा जा रहा है कि ऊपर से किसानों को रोकने को कहा गया है ताकि वे लखनऊ न पहुंच सकें। टिकैत ने कहा कि खास तौर पर ललितपुर, रामपुर, उन्नाव, सीतापुर, रायबरेली, फर्रुखाबाद में किसानों को रोका जा रहा है। यदि किसानों को रोका तो उन्हीं जिलों में एसएसपी कार्यालय पर धरना दिए जाएगा। 

राकेश ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किसी ने भी बात करने की जहमत नहीं उठाई। पुरानी सरकारें बात करती थीं पर इस सरकार को उद्योगपति चला रहे हैं। जो वह कहते हैं यह सरकार वही करती है। कहा कि 29 से 30 तक वे कश्मीर भी जा रहे हैं। वहां के सेब किसानों को भी सरकार बर्बाद करने का काम कर रही है।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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