Chandranath Rath Murder Case: क्या CM शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी को मारने का था प्लान?

Chandranath Rath Murder Case: क्या CM शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु अधिकारी को मारने का था प्लान?


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद राज्य की सियासत में ‘रक्तचरित्र’ का एक ऐसा खौफनाक अध्याय लिखा गया है, जिसने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं. 


शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले, भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना जवान चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या कर दी गई. लेकिन यह मामला सिर्फ एक पीए की मौत तक सीमित नहीं है. 


घटना की क्रोनोलॉजी, हमलावरों की तादाद, हथियारों की क्वालिटी और वारदात का तरीका चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि यह एक बहुत बड़ी ‘टारगेट किलिंग’ की कोशिश थी. जिस सफेद स्कॉर्पियो को निशाना बनाया गया, वह अक्सर शुवेंदु के काफिले का हिस्सा रहती है. 


सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुवेंदु अधिकारी की जान लेने के लिए कोई पेशेवर ‘डेथ स्क्वाड’ भेजा गया था? इस हत्याकांड ने बंगाल की राजनीति में वो आग लगा दी है, जो आने वाले दिनों में बड़े तूफान का संकेत दे रही है.


बुधवार रात करीब 11 बजे जब चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम लौट रहे थे, तो वे सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार थे. इस गाड़ी पर ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा’ का बोर्ड लगा हुआ था. यह वही पहचान है जो आमतौर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की गाड़ियों की होती है. 


पुलिस सूत्रों का प्रबल मानना है कि हमलावरों ने इसी बोर्ड और गाड़ी के मॉडल को देखकर यह अंदाजा लगाया कि भीतर सुवेंदु अधिकारी ही बैठे हैं. हमलावरों को शायद पक्की जानकारी थी कि शुवेंदु इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं, लेकिन गाड़ी में उनके पीए को देखकर भी उन्होंने रहम नहीं किया.

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि हमलावर काफी दूर से गाड़ी का पीछा कर रहे थे. मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में एक छोटी कार ने अचानक ओवरटेक करके स्कॉर्पियो का रास्ता रोका. 


इससे पहले कि ड्राइवर बुद्धदेव कुछ समझ पाते, 4 बाइकों पर सवार 8 शूटरों ने खिड़की से सटाकर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. यह हमला इतना सटीक और प्रोफेशनल था कि चंद्रनाथ को संभलने का एक मौका भी नहीं मिला. यह महज एक हत्या नहीं, बल्कि युद्ध स्तर पर की गई घेराबंदी थी.