'गले लगाना ही विदेश नीति', राहुल गांधी का PM मोदी पर तंज; मेलोनी का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने फिर प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि यह विचार कहां से आया कि विदेशी नेताओं को गले लगाना ही विदेश नीति है। राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने अपनी कूटनीतिक ताकत दिखाने का बड़ा अवसर था।

Aug 13, 2026 - 20:14
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'गले लगाना ही विदेश नीति', राहुल गांधी का PM मोदी पर तंज; मेलोनी का भी किया जिक्र


लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री विदेश नीति को विदेशी नेताओं से गले मिलने से जोड़कर देखते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन रचनात्मक कांग्रेस में बोलते हुए राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा। साथ ही उन्होंने ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर भी भारत की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी ने गुरुवार को रचनात्मक कांग्रेस सम्मेलन में कहा, 'मुझे नहीं पता कि उन्हें यह विचार कहां से मिला। अजीब विचार लोगों के दिमाग में आ जाते हैं। वह सोचते हैं कि यही विदेश नीति है।' इसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया। इस पर दीक्षित ने मजाक में पूछा, 'आप मुझे मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगा रहे थे?' राहुल गांधी ने जवाब दिया, 'मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं।' इस पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी गूंज उठी।


इसके बाद राहुल गांधी ने फिर प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि यह विचार कहां से आया कि विदेशी नेताओं को गले लगाना ही विदेश नीति है।


राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद भारत के सामने अपनी कूटनीतिक ताकत दिखाने का बड़ा अवसर था।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है, जबकि अमेरिका और रूस भी भारत के मित्र हैं। ऐसे में भारत इन संबंधों का इस्तेमाल कर वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत कर सकता था। राहुल गांधी के मुताबिक, 'अगर भारत ने अपनी ताकत पहचानी होती और नेता इंदिरा गांधी जैसा होता तो यह दुनिया का सबसे बड़ा अवसर था।'


राहुल ने आरोप लगाया कि भारत इस मौके का फायदा नहीं उठा सका और पाकिस्तान ने उसकी जगह ले ली। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थ बन गया, जबकि भारत और प्रधानमंत्री मोदी केवल देखते रह गए।


राहुल गांधी ने चीन के साथ सीमा विवाद और अरुणाचल प्रदेश में गश्त को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी के कार्यालय से सीधे जानकारी मिल रही है और वहां पूरी तरह विद्रोह जैसी स्थिति है। 


राहुल ने कहा कि गश्त वाले इलाकों, विशेष रूप से अरुणाचल में, चीन ने भारत को गश्त करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि चीन का कथित तौर पर कहना था कि जमीन भारत की है, लेकिन भारत वहां गश्त नहीं कर सकता।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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