मज़दूरों किसानो को कोरोना क्यों नहीं होता गांवो में कम शहरों में ज्यादा संक्रमण क्यों है

कोरोना से अभी मेहनतकश लोग बचे हुए है जितने भी आराम पसंद ठंडक में रहने वाले पसीना नही बहाने वाले लोगो की कोरोना से ही नही बल्कि और भी कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हिने का खतरा हमेशा बना रहेगा इसलिए अपनी जीवनशैली में बदलाव जरूरी है. कोरोना की तीसरी लहर, कोरोना वैक्सिनेशन, कोरोना वैरिएंट, आएगी कोरोना की तीसरी लहर, Corona 3rd wave in india, Corona wave, Corona in india, Covid wave, Covid 19, Covid vaccination, Corona infection, कोरोना संक्रमण, corona latest, third wave, third wave in india, sarv worldwide media, कोरोना की दूसरी लहर, covid 19 3rd wave, corona ki teesari lahar, कोरोना की दूसरी लहर, मज़दूरों किसानो को कोरोना क्यों नहीं होता, गांवो में कोरोना कम शहरों में ज्यादा क्यों, किसानो को कोरोना क्यों नहीं, मज़दूरों को कोरोना क्यों नहीं, why-labour-not-infected-by-corona, why-farmers-not-infected-by-corona,

Dec 13, 2024 - 12:25
Updated: 1 year ago
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उच्च मध्यमवर्गीय और मिडिल क्लास में वायरस का शिकार हुआ है लेकिन गरीब मजदूर और गावो में किसान वायरस से पीड़ित या कहे मरते हुए नहीं दिखाई दिए ।

क बात सब ने ध्यान दी है कि शहरों में संक्रमण की रफ़्तार गावो से बहुत ज्यादा है और कोरोना वायरस सबसे ज्यादा उन लोगों को शिकार बना रहा है जो एयर कंडीशनर में रहते हैं और फास्ट फूड खाते हैं। उच्च मध्यमवर्गीय और मिडिल क्लास में वायरस का शिकार हुआ है लेकिन गरीब मजदूर और गावो में किसान वायरस से पीड़ित या कहे मरते हुए नहीं दिखाई दिए ।

(देखिये वीडियो)

आकंड़ो के अनुसार इतनी बड़ी संख्या में नहीं दिखे और न ही सुनने में आये जितने शहरी इलाको में कोरोनावायरस नुक्सान किया हुवा है। हर किसी के मन मस्तिष्क में यह सवाल आ रहा है कि मजदूरों और किसान को कोरोना नहीं होता क्या। ऐसा कहा जा रहा ही की अमेरिका में हुई एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है।

अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस पर की अपनी एक रिसर्च में बताया है कि जो लोग शारीरिक श्रम नहीं करते हैं या बेहद कम करते हैं, उनमें कोरोना का संक्रमण घातक साबित हो सकता है। ऐसे लोगों को संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। साथ ही ऐसे मरीजों में मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा है।

(देखिये वीडियो)

वहीं शारीरिक श्रम करने वाले लोग अगर संक्रमित हो भी गए तो कोरोना उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाता है। कई बार तो उन्हें पता ही नहीं चलता कि वह संक्रमित हुए थे।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ सपोर्ट मेडिसिन में प्रकाशित इस रिसर्च में बताया गया है कि धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित लोगों में भी कोरोना संक्रमण गंभीर होने का खतरा है लेकिन शारीरिक रूप से सक्रिय ना रहने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा उक्त बीमारियों से पीड़ित मरीजों से भी ज्यादा है।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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