देखते ही पहचान लेंगे आप: झूठ बोलने वाले लोगों की पर्सनालिटी में कॉमन होती हैं ये बातें

अक्सर हमें किसी ना किसी झूठ का सामना करना पड़ता है और कई बार लोग हमें अपने झूठ के जाल में आसानी से फंसा भी लेते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि झूठ बोलने वालों की पहचान कैसे की जा सकती है? कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं, साथ ही आपको झूठे लोगों से बचने में मदद कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं इस बारे में।

देखते ही पहचान लेंगे आप: झूठ बोलने वाले लोगों की पर्सनालिटी में कॉमन होती हैं ये बातें

कई बार हमारे सामने कुछ ऐसे लोग और स्थितियां आती हैं जो हमें ठगे हुए होने का अहसास करती है। इसके अलावा कुछ लोग अपने झूठ से लोगों की सहानुभूति लेते हैं और इसका फायदा उठाते हैं। इसके अलावा कुछ लोग झूठ बोलने में इतने माहिर होते हैं कि वो आपके मुंह पर अपनी बात से पलट जाएंगे।

हम अक्सर अपने से छोटों को सिखाते है कि झूठ बोलना पाप है. वहीं, दूसरी तरफ हम रोजाना ना जाने कितने झूठ बोल जाते हैं. कुछ झूठ जान बूझकर बोले जाते हैं तो कुछ झूठ हालात से मजबूर होकर लेकिन कहीं ना कहीं झूठ हम सभी बोलते हैं. 

हम अपने बच्चो को तो सिखाते है कि झूठ बोलना गलत बात है लेकिन उन्हीं बच्चों को बहलाने के लिए हम उनसे ना जाने कितने झूठ बोल देते हैं. कोई व्यक्ति कम झूठ बोलता है तो कोई ज्यादा, कोई एक झूठ बोलता है तो कोई हजार झूठ बोलता है. 

अक्सर हमें किसी ना किसी झूठ का सामना करना पड़ता है और कई बार लोग हमें अपने झूठ के जाल में आसानी से फंसा भी लेते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि झूठ बोलने वालों की पहचान कैसे की जा सकती है? आपको हर झूठ बोलने वालों से दूरी बनानी होगी और शुरुआत में ही उनकी पहचान करनी होगी। ऐसे में कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं, साथ ही आपको झूठे लोगों से बचने में मदद कर सकते हैं। कैसे, जानते हैं इस बारे में।

झूठ बोलने वालों की कैसे करें पहचान? (How to identify liars?)

हर्टफोर्डशायर यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति से बात करते समय उसकी बॉडी लेंग्वेज पर ध्यान रखे. सामने वाले व्यक्ति के शब्दों के उच्चारण का ठीक से परिक्षण करते रहें. 

यदि वह व्यक्ति किसी भी बात पर ज्यादा जोर देकर समझाने की कोशिश कर रहा है तो समझ लीजिए कि वह किसी सच को छुपाने की कोशिश कर रहा है. हाव-भाव हर शख्स के मायने रखते हैं क्योंकि झूठ बोलने वाला व्यक्ति किसी भी बात को कहते वक्त बेवजह मुस्कराता है. 

झूठ बोलने वाले लोगों के लक्षण (Characteristics of people who lie)

आजकल लोगों मे इतनी चालाकी आ चुकी है कि लोग झूठ को सच की तरह बोलने के लिए ऐक्टिंग भी करने लगते हैं. इसलिए इस मामले में आपकी समझदारी ही सबसे अहम है. अब आप सोच रहे होंगे कि शातिर लोगों के झूठ का किस तरह पता लगाए? कुछ लक्षण हैं, जिन को ध्यान मे रखा जा सकता है. 

झूठ बोलते समय व्यक्ति  की आंखों की पलकें बार-बार झपकती हैं और झूठ बोलते समय उसकी आंखों का रंग बदलता है. झूठ बोलने वाला व्यक्ति या तो बहुत जोर से बात करता है या फिर बहुत धीमे बात करता है. एक बात का खास ख्याल रखें, यदि कोई व्यक्ति बात करते वक्त अपनी नाक खुजाने लग जाए तो समझ लीजिए कि वह झूठ बोलने का प्रयास कर रहा है.

झूठ बोलने वाले को कैसे पहचानें-How to identify liar in hindi

बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बोलना (To exaggerate)

झूठ बोलने वाले किसी भी बात को नॉर्मल ढंग से नहीं करेंगे। ये हर बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर और कुछ जोड़ कर बात करते हैं। ये चीजें आपको इनकी हर बात में महसूस होगी। ये नॉर्मल बात भी करें या किसी के बारे में बताएं तो उनमें अपने लिए रस खोजते हुए या फिर आपको प्रोवोक करते हुए विशेषणों का यूज करेंगे। 

आंख और चेहरे का एक्सप्रेशन (Eyes and facial expression)

आंख और चेहरे का एक्सप्रेशन बताएगा कि झूठा कौन है। दरअसल, झूठ बोलने का व्यक्ति अपनी आंखों से बहुत कुछ कह जाता है। जैसे कि पहले तो वो आंखें मिलाकर नहीं बोलेगा। इधर-उधर देखता नजर आएगा। इसके अलावा बोलते समय पीठ खुजलाएगा या नाक में उंगली करेगा। कुछ नहीं तो, कम बोलेगा या फिर इतना ज्यादा बोल देगा कि आप सब कुछ भूल जाएंगे और अपनी बातों से भटक जाएंगे। 

घटनाओं में कोई संबंध न होना(No connection between events)

झूठ बोलने वाले लोगों की बातों में आपको कोई तथ्य नहीं मिलेगा। वो बातों को मिलाने की कोशिश करेगा और ऐसी बातें करेगा जिसका आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। तो, जब भी आपको घटनाओं के बीच थोड़ा सा भी फैक्ट न मिले, ऐसे लोगों की किसी भी बात पर पूरी तरह से भरोसा न करें। 

इमोशनल कार्ड और बातें याद न रखना (Not remembering things and emotional cards)

झूठ बोलने वाले लोग हमेशा इमोशनल कार्ड खेलने की कोशिश करते हैं, जो कि असल में एक प्रकार का बहाना होता है। ये सब वे पर्सनल फायदे के लिए करते हैं और लोगों की सहानुभूति लेने की कोशिश करते हैं। साथ ही ऐसे लोगों को अपना कुछ याद भी नहीं रहता है। इसे आप उनका बहाना समझें  या फिर कुछ और। साथ ही आप इनसे इन्हीं की बात पूछेंगे तो ये आरको सही से जवाब नहीं दे पाएंगे।

आवाज ऊंची या धीमी करके झेंप जाना(Getting embarrassed by raising or lowering the voice)

झूछे लोग या तो आवाज ऊंची करके बात करते हैं या फिर धीमा आवाज में बात करते हैं और कोशिश करेंगे कि सब चीजों से झेंप जाएं। ऐसे लोग अपनी स्थिर और नेचुरल आवाज में बात नहीं करेंगे। तो, इन तमाम बातों का ध्यान रखें और इन गुणों वाले लोगों से दूरी बनाएं या फिर पूरी तरह से इनकी बातों पर भरोसा न करें।   

इसके अलावा सनातन हिन्दू धर्म के ग्रन्थ गरुण पुराण में भी झूठ बोलने वाले लोगो के बारे में बताया गया है।  गरुड़ पुराण में मनुष्यों के कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताया गया है, जिससे यह पता चलता है कि व्यक्ति झूठ बोल रहा है. झूठ बोलन वाले लोग और दूसरों को भ्रमित करने वाले अपराधी से कम नहीं होते हैं. जानते हैं झूठे व्यक्ति की पहचान के संकेतों के बारे में..

शीरीरिक बनावट- 

झूठ बोलने वालों की शारीरिक बनावट से ही यह पता चलता है कि व्यक्ति झूठ बोल रहा है. स्त्री हो या पुरुष सभी की शारीरिक बनावट से यह पता चल जाता है कि व्यक्ति के दिमाग में क्या चल रहा है. बात करते समय जब व्यक्ति के कंधे झुके हुए हों तो यह संभव है कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है या फिर कुछ छिपा रहा है. इसके अलावा व्यक्ति आराम की मुद्रा में बात करे तो भी यह झूठ बोलने का संकेत हो सकता है.

झूठ बोलने की कोशिश- 

सच बोलना यदि व्यक्ति के अच्छे गुणों में एक है तो झूठ बोलना भी एक कला है, जो हर किसी में नहीं होती. जो व्यक्ति किसी भी तरह अपनी बात को सच साबित करने में लगा रहता है, वह संभवत: झूठ बोल रहा है.

शारीरिक हाव भाव-

कुछ लोग बात करते हुए एक या फिर अपने दोनों हाथों को हिलाते हैं. या फिर अपने पैरों को हिलाते हुए बात करते हैं, यह बहुत सामान्य व्यवहार होता है.लेकिन जब व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसके सामान्य व्यवहारों या आदतों में बदलाव नजर आता है. इसके साथ ही झूठ बोलने वाले लोग तनाव में नजर आएंगे या फिर सामने वाले से बात करते हुए अपनी नजरें चुराएंगे.

जल्दबाजी- 

झूठ बोलने वाले लोग अनावश्यक जल्दबाजी में दिखेंगे. यह इसलिए क्योंकि वे सवालों से बच सके. ऐसे लोग काम को जल्दी-जल्दी करेंगे.

आंखों की भाषा- 

व्यक्ति झूठ या सच बोल रहा है यह उसकी आंखों में साफ नजर आता है. यदि कोई आंखों को हिलाएं बिना हां में सिर हिलाए तो समझिए की व्यक्ति को आपसे बात करने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

थकान दिखने की कोशिश- 

जब व्यक्ति यह दिखावा करे कि वह कितना थका हुआ है, तो यह समझ लीजिए वह आपसे झूठ बोल रहा कि वह आपकी बातों को ध्यानपूर्वक सुन रहा है. जबकि उसे आपकी बातों में कोई रुचि नहीं है.

झूठ बोलने से बचना बेहद मुश्किल है क्योंकि पूरी दुनिया में शायद ही कोई इंसान ऐसा हो जिसने कोई झूठ ना बोला हो. कुछ लोगों को तो झूठ बोलने की आदत हो जाती है. जहां झूठ बोलने की आवश्यकता भी नहीं होती, वो वहां भी झूठ बोलते हैं. कुछ लोग हालात के हाथो मजबूर होकर झूठ बोलते है. झूठ बोलना एक बहुत बुरी आदत है.