चिंताजनक: 18-54 की आयु वाले 30% लोगों को पता ही नहीं है उनकी बीपी रीडिंग, ये हार्ट अटैक-स्ट्रोक का प्रमुख कारण

हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए सभी उम्र के लोगों को लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने की सलाह दी जाती रही है।

चिंताजनक: 18-54 की आयु वाले 30% लोगों को पता ही नहीं है उनकी बीपी रीडिंग, ये हार्ट अटैक-स्ट्रोक का प्रमुख कारण

हृदय रोगों के खतरे को कम करने के लिए सभी उम्र के लोगों को लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने की सलाह दी जाती रही है। इसके अलावा रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की नियमित तौर पर जांच करते रहना भी आवश्यक माना जाता है। पर हालिया रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं वो कई प्रकार से चिंता बढ़ाने वाली हैं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की हालिया रिपोर्ट में देश में रक्तचाप के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में 18-54 आयु वर्ग के लगभग 30% व्यक्तियों ने कभी भी अपने रक्तचाप की जांच नहीं कराई है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा, झारखंड, गुजरात और नागालैंड जैसे राज्यों में लोग ब्लड प्रेशर की जांच को लेकर जागरूक नहीं हैं। गौरतलब है कि ब्लड प्रेशर की अनियंत्रित स्थिति को हृदय रोग-हार्ट अटैक और स्ट्रोक के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक माना जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की रीडिंग लेते रहना चाहिए, भले ही आपको ब्लड प्रेशर की दिक्कत न रही हो।

कई राज्यों में देखी जा रही है कम जागरूकता

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईजेपीएच) में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चला है कि देश के दक्षिणी राज्यों में ब्लड प्रेशर की नियमित जांच की जरूरतों को लेकर लोग अधिक जागरूक है जहां औसतन 76% आबादी का रक्तचाप कम से कम एक बार मापा गया। जबकि मध्य और उत्तर भारत के लोग इस जरूरत पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अध्ययन के ये निष्कर्ष स्वस्थ्य को लेकर व्यक्तिगत जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

नियमित रक्तचाप की जांच महत्वपूर्ण है, खासकर युवा वयस्कों में जिनमें हाल के वर्षों में हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे जाते रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
 रक्तचाप की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है इसिलए भले ही आप स्वस्थ महसूस करते हों फिर भी नियमित अंतराल पर इसकी रीडिंग लेते रहें। ब्लड प्रेशj की जांच न सिर्फ आपको हार्ट की गंभीर समस्याओं से बचाने में सहायक है साथ ही ये युवाओं में बढ़ते स्ट्रोक के जोखिमों से बचाव के लिए भी जरूरी है।

जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ या कम रहता है उनमें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को खतरा हो सकता है, ऐसे लोगों को डॉक्टर से मिलकर सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

ब्लड प्रेशर से किडनी भी हो सकती हैं दिक्कते
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित ब्लड प्रेशर की जांच से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। उच्च रक्तचाप का शीघ्र पता लगने से दिल के दौरे, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी जैसी जटिलताओं को रोका जा सकता है। डॉ अभिजात बताते हैं, ब्लड प्रेशर सिर्फ हार्ट की दिक्कतों को ही नहीं बढ़ाता है इससे किडनी फेलियर का जोखिम भी बढ़ जाता है।

अगर हम सभी हर सप्ताह ब्लड प्रेशर की रीडिंग करें और इसमें अगर किसी प्रकार की असमानता दिखे तो समय रहते डॉक्टरी सलाह ले लें। ये आपको गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकती है। 
डिजिटल मॉनिटर की लें मदद

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सौभाग्य से अब घर पर बीपी की निगरानी करना पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक हो गया है। डिजिटल बीपी मॉनिटर घर पर जरूर रखें। ब्लड प्रेशर की रीडिंग हर सप्ताह लेते रहें और उसे लिख लें। अगर हर हफ्ते इसमें बड़ा अंतर नजर आ रहा है तो सावधान हो जाएं। हार्ट की बढ़ती समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए ये जांच महत्वपूर्ण है।