साल 2024 के अंत तक यूपी को मिलेगा देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, 120 किमी प्रति घंटा होगी डिजाइन स्पीड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीडा के अधिकारियों को साल के अंत तक गंगा एक्सप्रेसवे को संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश को पूरब से पश्चिम तक जोड़ते हुए यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजरेगा। 

साल 2024 के अंत तक यूपी को मिलेगा देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, 120 किमी प्रति घंटा होगी डिजाइन स्पीड

महाकुंभ 2025 से पहले उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे मिल जाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित लंबाई 594 किमी है, जो मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के बाद देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। 

उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य है। यहां छह एक्सप्रेसवे संचालित हैं, जबकि सात निर्माणाधीन हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन के साथ ही देश के शीर्ष 10 एक्सप्रेसवे में पांच यूपी के होंगे, अभी इनकी संख्या चार है।

हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीडा के अधिकारियों को साल के अंत तक गंगा एक्सप्रेसवे को संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश को पूरब से पश्चिम तक जोड़ते हुए यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजरेगा। 

इसके बनने के बाद मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक की दूरी को महज कुछ घंटों में तय की जा सकेगी। 

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ-बुलंदशहर (एनएच 334) पर बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज में (एनएच-19) पर जूडापुर दादू गांव के समीप समाप्त होगा। 7467 हेक्टेयर भूमि पर तैयार होने वाले इस एक्सप्रेस-वे परियोजना की लागत 36,230 करोड़ रुपये है।

गंगा एक्सप्रेसवे को शुरुआत में छह लेन, जबकि आगे चलकर आठ लेन में विस्तार किए जाने का प्रस्ताव है। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी। एक्सप्रेसवे पर विभिन्न स्थानों पर नौ जनसुविधा परिसरों को विकसित किया जाएगा।
 रैंप टोल प्लाजा 15 स्थानों पर प्रस्तावित

वहीं, दो स्थानों पर मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ और प्रयागराज) जबकि रैंप टोल प्लाजा 15 स्थानों पर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा गंगा नदी पर (960 मीटर) और रामगंगा नदी पर (720 मीटर) जैसे बड़े सेतु का निर्माण भी होना है।

शाहजहांपुर के जलालाबाद तहसील के पास 3.50 किमी लंबे हवाई पट्टी का भी निर्माण होगा। गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के दौरान चार प्रमुख विभागों से मिलने वाली 153 अनापत्तियां में से 141 को प्राप्त कर लिया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में मेसर्स आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स अडाणी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी बड़ी कंपनियां लगी हुई हैं।