चलने-फिरने में असमर्थ मां को ताले में बंद कर ससुराल गया था बेटा, फ्लैट में जिंदा जल गई बुजुर्ग

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में टीला मोड़ एरिया की पंचशील कॉलोनी के फ्लैट में आग लगने से एक बुजुर्ग महिला जिंदा जल गईं।

चलने-फिरने में असमर्थ मां को ताले में बंद कर ससुराल गया था बेटा, फ्लैट में जिंदा जल गई बुजुर्ग

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में टीला मोड़ एरिया की पंचशील कॉलोनी के फ्लैट में आग लगने से एक बुजुर्ग महिला जिंदा जल गईं। बताया गया कि फ्लैट के मेन गेट पर ताला लगा था और वह चल नहीं पाती थीं। रविवार को संदिग्ध हालात में आग लगने से वह झुलस गईं और जान चली गई। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची थी। आग बुझाने के दौरान टीम अंदर गई तो बुजुर्ग महिला बेड पर झुलसी हालत में मिलीं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि बुजुर्ग महिला चलने में असमर्थ थीं। हादसे के वक्त वह घर में अकेली थीं और मेन गेट बाहर से बंद था। हादसे के वक्त उनका बेटा और परिवार के लोग किसी काम से बाहर गए हुए थे। अभी पुलिस घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस जांच में जुटी है।

परिवार के साथ ससुराल गया था बेटा, दरवाजा था बंद
एसीपी शालीमार गार्डन ने बताया कि पुलिस को पंचशील कॉलोनी के 2 मंजिला फ्लैट के अंदर आग की सूचना मिली थी। तुरंत पुलिस टीम को भेजा गया। जब पुलिस पहुंची तो फ्लैट के अंदर से धुआं निकल रहा था। इस दौरान दमकल की टीम को सूचित किया गया। दमकल टीम ने आग बुझाई और टीम अंदर गई तो एक कमरे में बुजुर्ग महिला झुलसी हुई हालत में मिली। उनकी पहचान भगवती के रूप में हुई। वह चलने फिरने में असमर्थ थीं। फ्लैट बाहर से बंद था। बुजुर्ग के बेटे सोमदत्त कैब ड्राइवर हैं। वह घर में बहू और 2 पोते व पोती के साथ रहती थीं। पुलिस ने बताया कि सोमदत्त सुबह साढ़े 11 बजे के करीब अपनी ससुराल नंदनगरी परिवार के साथ गए हुए थे। अनुमान है कि आग एक से सवा एक बजे के करीब लगी होगी। पुलिस को दोपहर डेढ़ बजे के करीब आग की सूचना मिली थी।

कूल्हे का हुआ था ऑपरेशन
बुजुर्ग महिला शुगर की मरीज थीं और उनका कूल्हे का ऑपरेशन भी हो चुका है। वह ज्यादा चलने फिरने में असमर्थ थीं और वॉकर लेकर चलती थीं। उधर, अनुमान है कि आग से बचने के लिए उन्होंने कमरे से निकलने का प्रयास किया होगा, लेकिन वह आग से बच नहीं सकी।

आग पर उठ रहे सवाल?
जिस तरह बुजुर्ग महिला को घर के अंदर बंद कर परिवार के लोग बाहर गए थे, इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि घर बाहर से बंद था। बुजुर्ग महिला चल फिर नहीं सकती थी, ऐसे में आग कैसे लगी? क्या परिवार के लोगों ने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी थी कि घर पर उनकी मां अकेली हैं। बुजुर्ग महिला जिस कमरे में थीं, उसमें बेड और चारपाई आधी जली अवस्था में मिला है। चारपाई के पास ही आग लगी थी। यहां तक कि वहां सीलिंग फैन के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण नहीं थे। कमरे में कुछ कपड़े भी थे। 2 स्विच बोर्ड भी सही पाए गए हैं। अभी तक शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात दमकल की जांच में सामने नहीं आई है।

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही साहिबाबाद फायर स्टेशन से गाड़ी रवाना की गई। इस बीच आसपास के लोग मौके पर पहुंच चुके थे। उन्होंने दमकल अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया और कहा कि दरवाजा बाहर से बंद है। ऐसे में दमकल अधिकारियों ने सावधानी बरतते हुए दरवाजा तोड़कर आग बुझाने की कोशिश करने का सुझाव दिया। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले आग बुझाने की कोशिश की। उसके 15 मिनट के अंदर दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई।

2022 में भी आया था ऐसा ही मामला
डीएलएफ कॉलोनी के बी-ब्लॉक स्थित एलआईजी फ्लैट में मार्च 2022 में आग लग गई थी। यह आग सुबह करीब 4:30 बजे लगी। हादसे के दौरान कमरे में सो रहे 50 वर्षीय आनंद डेनियल की झुलसने से मौत हो गई थी। पड़ोसियों ने धुआं फैलने पर परिवार को फोन कर सूचना दी थी। लोगों ने मदद कर मां-बेटी को फ्लैट से बाहर निकाला गया था, लेकिन एक व्यक्ति की जान चली गई थी।