कांग्रेस ने दिया अखिलेश यादव को अपने दफ्तर में आने को न्यौता, जाने या ना जाने पर क्या होगी सियासत?

कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एक अप्रैल को शाम पांच बजे होली मिलन समारोह और दो अप्रैल को शाम छह बजे रोजा इफ्तार का आयोजन किया जाएगा।

कांग्रेस ने दिया अखिलेश यादव को अपने दफ्तर में आने को न्यौता, जाने या ना जाने पर क्या होगी सियासत?

कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एक अप्रैल को शाम पांच बजे होली मिलन समारोह और दो अप्रैल को शाम छह बजे रोजा इफ्तार का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों कार्यक्रमों के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश यादव को न्यौता भेजा है। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। इस कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव जाएंगे या नहीं इसकी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में अभी से होनी शुरू हो गई हैं।

सपा से जुड़े नेताओं ने इशारों में इस बात के संकेत दिया कि अखिलेश यादव के जाने की संभावना कम है लेकिन इस संभावना से पूरी तरह से इंकार भी नहीं किया जा सकता। इधर कांग्रेस सूत्रों के अनुसार चूंकि दोनों दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं तो ऐसे में दोनों दलों के नेताओं को एक-दूसरे के कार्यालय में जाना सामान्य बात है। वह चाहे किसी मीटिंग के लिए हो या फिर किसी उत्सव में। 


कांग्रेस अध्यक्ष जा चुके हैं दो बार
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय दो बार सपा के कार्यालय में जा चुके हैं। दोनों ही बार सीट बंटवारे के लिए यह नेता सपा के दफ्तर में गए थे। उधर में दिल्ली में सपा के नेता भी कांग्रेस दफ्तर जाते रहे हैं। 

अखिलेश के लिए दुविधा क्या?
अखिलेश यादव के लिए कांग्रेस के दफ्तर जाना एक दुविधा भरा फैसला है। राजनीतिक जानकार कहते हैं क्योंकि सपा और कांग्रेस का वोट बैंक बहुत हद तक एक जैसा है और दोनों पार्टियां ज्यादातर मौके पर एक-दूसरे के खिलाफ ही लड़ती हैं ऐसे में अखिलेश यादव गठबंधन के बाद भी एक किस्म की दूरी बनाकर रखना चाहेंगे। एक दूसरी वजह यह है कि सपा का उदय ही कांग्रेस के विरोध में हुआ था ऐसे में उनका कांग्रेस पार्टी के दफ्तर जाना दूरगाम राजनीति के लिए नुकसानदायक हो सकता है।