रामपथ पर विकास का रथ: योगी सरकार ने पेश किया 7.36 लाख करोड़ रुपये का बजट... आस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर और यूथ पर जोर

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार का आठवां बजट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सोमवार को पेश किया। 2017 में योगी सरकार ने पहला बजट पेश करते हुए कहा था, 'राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम राम का स्मरण करना हमारी प्रतिबद्धता है।'

रामपथ पर विकास का रथ: योगी सरकार ने पेश किया 7.36 लाख करोड़ रुपये का बजट... आस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर और यूथ पर जोर

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार का आठवां बजट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सोमवार को पेश किया। 2017 में योगी सरकार ने पहला बजट पेश करते हुए कहा था, 'राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम राम का स्मरण करना हमारी प्रतिबद्धता है।' 

प अयोध्या में राममंदिर के निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा का संकल्प पूरा होने के बाद सोमवार को आठवां बजट आया तो सरकार रामपथ पर ही विकास का रथ आगे बढ़ाती दिखी। 7.36 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे बड़े बजट की शुरुआत वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने रामराज्य के संकल्प से ही की। बजट का फोकस आस्था केंद्रों के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास व युवाओं के सशक्तिकरण पर भी रहा। पिछले साल के मुकाबले इस बार के बजट का आकार 6.70% अधिक है। इसमें 2.03 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए हैं। यह भी पिछली बार के मुकाबले 39 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है।
धर्म से कामना की राह

लोकसभा चुनाव के ठीक पहले आए बजट में लोकलुभावन योजनाओं के कयास अधिक थे, लेकिन सरकार वादों की जगह योजनाओं के जमीनी अमल के इरादों पर फोकस दिखी। 3.84 लाख करोड़ रुपये के पहले बजट में जहां सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक नई योजनाओं पर खर्च किए थे। वहीं, इससे लगभग दोगुने आकार के आठवें बजट में नई योजनाओं पर खर्च 25 हजार करोड़ रुपये से भी कम है। 

शायद ‘राम-काज’ पूराकर सरकार भविष्य को लेकर आश्वस्त है। खन्ना ने कहा भी, ‘जिमि सरिता सागर महुं जाही जद्यपि ताहि कामना नाहीं। तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएं, धरमसील पहिं जाहिं सुभाएं। (नदियां बहती हुई सागर की ओर ही जाती हैं, चाहे उनके मन में उधर जाने की कामना हो या नहीं, उसी तरह, सुख-संपत्ति भी बिना चाहे ही धर्मशील और विचारवान लोगों के पास चली आती हैं।)
आस्था संग अपेक्षा का समन्वय

बजट में अगले साल प्रयागराज में आयेाजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों के लिए 2,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है तो अयोध्या, देवीपाटन, नैमिषारण्य, शुकतीर्थ आदि के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। महाकुंभ में सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी 100 करोड़ रुपये रुपये है। हालांकि, आस्था के साथ ही अपेक्षाओं का भी समन्वय है। युवाओं को स्वरोजगार देने के लिए 1000 करोड़रुपये की सीएम युवा उद्यमी विकास योजना की घोषणा की गई है। युवाओं को उद्यम लगाने को 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त कर्ज दिया जाएगा। मुफ्त स्मार्टफोन व टैबलेट के लिए भी पैसे का इंतजाम है तो युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रोत्साहन कोष भी गठित होगा।